PM Matru Vandana Yojana Chhattisgarh:रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) एक मील का पत्थर साबित हो रही है। यह योजना न केवल गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य में सुधार ला रही है, बल्कि बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित कर समाज में एक सकारात्मक बदलाव भी ला रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना से राज्य की हजारों माताएं लाभान्वित हो रही हैं।
पहली संतान पर 5,000 और दूसरी बेटी होने पर 6,000 रुपये
इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को गर्भावस्था के दौरान मजदूरी में होने वाले नुकसान की भरपाई और उचित पोषण के लिए आर्थिक मदद दी जाती है:
- पहली संतान पर लाभ: योजना के तहत पहली बार जीवित बच्चे के जन्म पर माता को 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच के चरणों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में (DBT) ट्रांसफर की जाती है।
- दूसरी संतान (बेटी) पर विशेष लाभ: बालिकाओं के जन्म को बढ़ावा देने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए, योजना के दूसरे चरण (PMMVY 2.0) में एक बड़ा प्रावधान किया गया है। यदि परिवार में दूसरी संतान के रूप में बेटी जन्म लेती है, तो माता को 6,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
सुरक्षित मातृत्व और कुपोषण से जंग
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान होने वाली खून की कमी (एनीमिया) और बच्चों में कुपोषण को दूर करना है। आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में मिलने से महिलाएं अपने और अपने नवजात शिशु के लिए पौष्टिक आहार, दवाइयां और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से जुटा पा रही हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए आसानी से पंजीकरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इस योजना का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या मितानिन के माध्यम से आसानी से अपना पंजीकरण करा सकती हैं।
- पात्र महिलाओं के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता और मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड (MCP Card) होना अनिवार्य है।
बेटियों को समाज में समान अधिकार दिलाने और उनके जन्म का उत्सव मनाने के लिए लागू की गई यह योजना सचमुच छत्तीसगढ़ में बेटियों के भविष्य की एक मजबूत नींव तैयार कर रही है।
