Tribal Dignity Festival Chhattisgarh:रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में आदिवासियों की समृद्ध संस्कृति और उनके योगदान को नमन करने के लिए आयोजित किया जाने वाला ‘जनजातीय गौरव महोत्सव’ (Tribal Dignity Festival) अब केवल एक सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रह गया है। जनसंपर्क विभाग (DPRCG) की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह महोत्सव अब दूरस्थ अंचलों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए सुविधा और विकास का एक बेहद सशक्त मंच बन चुका है।
एक ही छत के नीचे मिल रही हैं सरकारी सुविधाएं
इस महोत्सव के दौरान शासन-प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जाते हैं।
- विभागीय स्टॉल और शिविर: महोत्सव स्थलों पर विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा अपने स्टॉल और समाधान शिविर लगाए जाते हैं।
- दस्तावेजों का निराकरण: इन शिविरों में ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र से लेकर वन अधिकार पट्टे और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेज आसानी से उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
जन कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ
राज्य सरकार की यह कोशिश है कि ‘जनजातीय गौरव महोत्सव’ के जरिए अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
- स्वास्थ्य और शिक्षा: महोत्सव के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन कर ग्रामीणों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा और दवाइयां मुहैया कराई जाती हैं।
- स्वरोजगार और जागरूकता: युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं की जानकारी दी जाती है। साथ ही, कृषि और उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को उन्नत खेती और सरकारी अनुदान के बारे में जागरूक किया जाता है।
यह महोत्सव एक ओर जहां आदिवासी समाज की परंपराओं, नृत्यों और कलाकृतियों का जश्न मनाता है, वहीं दूसरी ओर शासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी को खत्म कर सुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है।
