Bastar Visit: उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर दौरा, मिशन अमृत और नेशनल हाईवे कार्यों का किया औचक निरीक्षण

Deputy CM Arun Sao Bastar visit

Deputy CM Arun Sao Bastar visit:छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव (Deputy CM Arun Sao) अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन पूरी तरह से एक्शन मोड में दिखे। उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनहित की इन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-सीमा के भीतर काम पूरा करना अनिवार्य है।

निरीक्षण के प्रमुख बिंदु

उपमुख्यमंत्री ने बस्तर में हो रहे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की समीक्षा की:

  • मिशन अमृत (Mission Amrit): ‘मिशन अमृत’ के तहत चल रहे कार्यों का उपमुख्यमंत्री ने बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने पानी की आपूर्ति और संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास की वर्तमान स्थिति पर संतोष जताया, लेकिन काम की गति को और तेज करने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को जल्द से जल्द लाभ मिल सके।
  • नेशनल हाईवे का निर्माण (National Highway Inspection): निर्माणाधीन नेशनल हाईवे के कार्यों की गुणवत्ता की जांच करते हुए उपमुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण में मानकों (Standards) का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने प्रोजेक्ट्स में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए अधिकारियों के साथ चर्चा भी की।
  • तालाब सौंदर्यीकरण (Pond Beautification): शहर के तालाबों के सौंदर्यीकरण कार्य का भी उन्होंने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि तालाब न केवल जल संरक्षण का केंद्र हैं, बल्कि शहर की सुंदरता और लोगों के मनोरंजन का स्थान भी हैं, इसलिए इनके रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बस्तर अंचल का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा:

  • समयबद्धता: किसी भी प्रोजेक्ट का काम समय-सीमा के अंदर ही पूरा होना चाहिए।
  • गुणवत्ता से समझौता नहीं: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
  • जनता से जुड़ाव: उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे धरातल पर जाकर काम करें और आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव का यह दौरा राज्य सरकार की ‘सुशासन’ और ‘तेज विकास’ की नीति को दर्शाता है, जिसके तहत लगातार मैदानी स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी की जा रही है।