CG Cabinet Decisions:नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मंगलवार, 9 जून 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार और किसानों के कल्याण को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका मुख्य फोकस ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण और सुदूर अंचलों तक विकास पहुंचाने पर है।
युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: 10 हजार शिक्षकों की बंपर भर्ती कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित फैसला शिक्षा विभाग से जुड़ा रहा। राज्य सरकार ने प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और युवाओं को रोजगार देने के लिए 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती को आधिकारिक रूप से हरी झंडी दे दी है। यह भर्ती प्रक्रिया जल्द ही व्यापम (Vyapam) के माध्यम से शुरू की जाएगी। इसमें आदिवासी बहुल क्षेत्रों जैसे बस्तर और सरगुजा संभाग के स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वहां के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
बस्तर संभाग के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का ब्लूप्रिंट पास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने के लिए कैबिनेट ने एक विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। सरकार ने बस्तर संभाग के अंदरूनी और अति-संवेदनशील इलाकों में नई सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये के नए बजट का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य न केवल ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ना है, बल्कि सुरक्षाबलों के मूवमेंट को भी सुगम बनाना है। इन सड़क परियोजनाओं का काम मानसून के तुरंत बाद युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा।
किसानों के लिए खरीफ सीजन की विशेष तैयारी आगामी खरीफ फसल के सीजन को देखते हुए साय कैबिनेट ने कृषि विभाग के प्रस्तावों पर भी अहम मुहर लगाई है। किसानों को समय पर उन्नत किस्म के बीज और खाद उपलब्ध कराने के लिए आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कृषि ऋण (Agriculture Loan) की सीमा को बढ़ाने और सहकारी समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन वितरण की प्रक्रिया को और सरल बनाने का फैसला लिया गया है ताकि कोई भी किसान आर्थिक तंगी के कारण खेती से वंचित न रहे।
महतारी वंदन योजना के अगले चरण पर चर्चा बैठक में राज्य सरकार की फ्लैगशिप ‘महतारी वंदन योजना’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि योजना की अगली किश्त का भुगतान बिना किसी तकनीकी रुकावट के समय पर सभी पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
मंत्रिपरिषद के इन फैसलों को प्रदेश के चहुंमुखी विकास और समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।
