Modi Government 12 Years 12 Major Schemes:
नई दिल्ली। 26 मई 2014 को जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि अगले 12 वर्षों में देश का शासन मॉडल इतनी तेजी से बदलेगा। आज जब Modi Government 12 Years 12 Major Schemes की बात होती है तो एक लंबी फेहरिस्त सामने आती है जिसने शासन, अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं।
बैंकिंग से लेकर स्वास्थ्य तक, हर क्षेत्र में नई पहल
2014 में शुरू हुई प्रधानमंत्री जनधन योजना ने करोड़ों परिवारों को पहली बार बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा। कोरोना काल में इसी नेटवर्क ने सीधे लाभ हस्तांतरण को संभव बनाया। 2016 में उज्ज्वला योजना ने गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई। 2018 में आयुष्मान भारत ने पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया, जो दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिनी जाती है।
डिजिटल क्रांति और किसानों की मदद
2015 में शुरू डिजिटल इंडिया अभियान ने यूपीआई से लेकर डिजिलॉकर तक कई प्लेटफॉर्म को जन्म दिया। 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये सीधे खातों में भेजे जाने लगे। इसी साल जल जीवन मिशन ने लाखों ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने का काम शुरू किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा में बड़े बदलाव
2014 में मेक इन इंडिया, 2016 में स्टार्टअप इंडिया और 2021 में पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान ने देश को वैश्विक विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में काम किया। 2020 में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पिछले 3 दशकों का सबसे बड़ा शिक्षा सुधार माना गया।
Modi Government 12 Years 12 Major Schemes का सार
जनधन, आधार और मोबाइल यानी JAM तंत्र ने सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाई। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में ये Modi Government 12 Years 12 Major Schemes उस बड़े विजन की आधारशिला मानी जा रही हैं। इन योजनाओं की सफलता और चुनौतियों पर बहस जारी रहती है, लेकिन यह तय है कि इन 12 वर्षों ने शासन के कई पारंपरिक ढांचों को बदला है।
