Gold Silver Rate Today 10 June:भारतीय सर्राफा बाजार में आज (10 जून 2026) बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। कीमती धातुओं के भाव एक झटके में धड़ाम हो गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी आज के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सोना नहीं खरीदने की अपील’ और शादियों का सीजन खत्म होने के कारण बाजार में मांग (Demand) में बड़ी कमी आई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है।
सोने-चांदी के ताजा रेट (प्रति 10 ग्राम/किलो, बिना GST)
| कैरेट/धातु | आज का रेट (रुपये) | आज की गिरावट (रुपये) |
| 24 कैरेट गोल्ड | 1,48,429 | -4090 |
| 23 कैरेट गोल्ड | 1,47,835 | -4073 |
| 22 कैरेट गोल्ड | 1,35,961 | -3746 |
| 18 कैरेट गोल्ड | 1,11,322 | -3067 |
| 14 कैरेट गोल्ड | 86,831 | -2394 |
| चांदी (प्रति किलो) | 2,36,280 | -9658 |
(नोट: ये रेट IBJA द्वारा जारी किए गए हैं और इनमें GST शामिल नहीं है। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय सर्राफा बाजार का भाव जरूर देख लें।)
पीएम मोदी की अपील का दिखा असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 10 मई 2026 को देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी। इस अपील का असर अब बाजार में साफ दिखने लगा है। ज्वेलर्स के यहां खरीदारों की भीड़ कम हो गई है और शादियों का सीजन न होने के कारण डिमांड काफी गिर गई है। पीएम की अपील के बाद पहली बार सोने के भाव निगेटिव जोन में आए हैं।
- अपील से पहले 24 कैरेट गोल्ड 1,51,078 रुपये पर था, जो अब घटकर 1,48,429 रुपये पर आ गया है। इस दौरान सोना 2649 रुपये सस्ता हुआ है।
- चांदी की बात करें तो यह 2,55,600 रुपये प्रति किलो के शिखर से अब तक 19,320 रुपये सस्ती हो चुकी है।
किस कैरेट का सोना कहां इस्तेमाल होता है?
- 24K (999): यह शुद्धतम सोना है, जो गोल्ड बार और सिक्कों के लिए उपयोग होता है। यह काफी नरम होता है, इसलिए गहनों के लिए कम इस्तेमाल होता है।
- 22K (916): भारत में गहनों के लिए सबसे लोकप्रिय। शादी-ब्याह के पारंपरिक आभूषणों में इसी का उपयोग होता है।
- 18K (750): इसमें 75% सोना होता है। डायमंड और स्टोन ज्वेलरी के लिए यह सबसे मजबूत और टिकाऊ माना जाता है।
- 14K (585): इसमें 58.5% सोना होता है। यह काफी मजबूत होता है और रोजाना पहनने वाले गहनों के लिए बेहतरीन है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में अभी गिरावट का दौर है, ऐसे में निवेशकों के लिए यह सतर्क रहने का समय है।
