रायपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर ठग अब शिक्षकों को निशाना बना रहे हैं। ठग खुद को साइबर क्राइम इंस्पेक्टर बताकर फोन कर रहे हैं और कानूनी कार्रवाई का डर दिखा रहे हैं।
चिंता की बात यह है कि एक ही मोबाइल नंबर से किसी स्कूल के कई शिक्षकों को कॉल किए जाने की शिकायत सामने आई है। शालेय शिक्षक संघ ने शिक्षकों की निजी जानकारी ठगों तक पहुंचने पर सवाल उठाए हैं।
संघ ने विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप से डेटा लीक होने की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। हालांकि, डेटा लीक के स्रोत की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
एक ही स्कूल के कई शिक्षकों को कॉल
शिक्षक संघ के मुताबिक, संदिग्ध कॉल करने वाले खुद को साइबर क्राइम इंस्पेक्टर बताकर शिक्षकों को डराते हैं। फोन पर कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। एक ही स्कूल के कई शिक्षकों को एक नंबर से कॉल आने की शिकायत ने मामले को गंभीर बना दिया है।
संघ का कहना है कि ठगों के पास शिक्षकों की व्यक्तिगत और संस्थागत जानकारी होने की आशंका है। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि शिक्षकों का डेटा कहां से और किस तरह ठगों तक पहुंच रहा है।
VSK ऐप की सुरक्षा पर उठे सवाल
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने शिक्षा विभाग के डिजिटल सिस्टम में दर्ज जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने शासन और विभाग से VSK ऐप सहित अन्य डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध डेटा की सुरक्षा की जांच कराने की मांग की है।
संघ का कहना है कि यदि शिक्षकों की गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
संघ के प्रांतीय मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने संदिग्ध कॉल के स्रोत और शिक्षकों की जानकारी ठगों तक पहुंचने के तरीके की जांच कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मामले की जल्द जांच कर डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन किया जा सकता है।
