भारतीय मूल के 3 लड़कों ने Claude से हैक कर जीते 5.5 लाख

नई दिल्ली। AI के दौर में ऑनलाइन सुरक्षा बेहद गंभीर विषय हो जाता है। इस साल जुलाई में भारतीय मूल के तीन लड़कों ने एंथ्रोपिक के Claude AI की मदद से ChatGPT बनाने वाली OpenAI के सिस्टम में सेंध लगा दी। तीनों लड़के साइबर सुरक्षा शोधकर्ता थे और यह कोई अटैक नहीं बल्कि OpenAI के बग-बाउंटी प्रोग्राम के तहत की गई एक सेफ्टी टेस्टिंग थी।

72 घंटे चले इस बग बाउंटी प्रोग्राम में तीनों रिसर्चर्स ने OpenAI के कर्मचारियों के खातों से लेकर प्राइवेट गिटहब तक को एक्ससे कर लिया था। बता दें कि बग बाउंटी प्रोग्राम कई टेक कंपनियां आयोजित करती हैं, जिसमें एथिकल हैकर्स कंपनी को उनके प्रोडक्ट की कंजोरियों से अवगत कराते हैं। इसके बदले कंपनियां एथिकल हैकर्स को अच्छा भुगतान भी करती हैं।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार OpenAI के सिस्टम में खामी तलाशने से लेकर उसके प्राइवेट रिपॉजिटरी में सेंध लगाने तक का पूरा काम 72 घंटे में कर लिया गया।साइबर सुरक्षा स्टार्टअप हैक्ट्रॉन एआई के रिसर्चर्स ने इस टेस्टिंग के दौरान AI टोकन्स पर करीब 3000 डॉलर यानी करीब 2.5 लाख रुपये खर्च किए। बाद में अपनी कमियों को OpenAI ने ठीक किया और रिसर्चर्स को 6,500 डॉलर यानी करीब 5.5 लाख रुपये इनाम के तौर पर दिए।

OpenAI की हैकिंग
रिसर्चर्स को OpenAI के कम्युनिटी फोरम में इमेज फाइल्स को प्रोसेस करने से जुड़ी एक खामी मिली थी। इसकी मदद से सर्वर पर अनचाहा कोड रन किया जा सकता था। भारतीय मूल के रिसर्चर्स की टीम ने टीम ने इस खामी की पड़ताल और काम करने वाला एक्सप्लॉइट तैयार करने के लिए क्लॉड चैटबॉट का सहारा लिया।क्लॉड ने कोड लिखने, डिबग करने और एक्सप्लॉइट को तेजी से तैयार करने में मदद की। इनका कम था, तो इस टीम ने लॉगिन टोकन से जुड़ी एक और कमजोरी ढूंढ निकाली, जिससे ये ओपनएआई कर्मचारी खातों में सेंध लगाकर Codex अकाउंट के जरिए कंपनी के प्राइवेट गिटहब तक पहुंच गई।

कौन हैं तीन भारतीय रिसर्चर्स?
क्लॉड से OpenAI को हैक करने वाले इन तीन भारतीय मूल के रिसर्चर्स की टीम को हर्ष जायसवाल ने लीड किया। हर्ष हैक्ट्रॉन एआई के को-फाउंडर हैं और जोमैटो व एप्पल जैसी कंपनियों में सुरक्षा खामियां खोजने का 10 साल से ज्यादा का अनुभव रखते हैं।
उनके साथ हैक्ट्रॉन के सीटीओ और को-फाउंडर मोहन पेधापति शामिल थे, जिन्होंने आंध्र प्रदेश के आरजीयूकेटी नूजविद से बीटेक किया है और वेब एक्सप्लॉइटेशन के विशेषज्ञ हैं।
टीम के तीसरे सदस्य दिल्ली के भारती विद्यापीठ से पढ़े राहुल मैनी हैं, जो जाने-माने वल्नरबिलिटी रिसर्चर हैं और एटीएंडटी (AT&T) हॉल ऑफ फेम में भी जगह बना चुके हैं।