सरकारी भर्तियों में बैकडोर एंट्री पर लगेगा ब्रेक, पटवारी से ड्राइवर तक परीक्षा अनिवार्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती का तरीका बदलने जा रहा है। अब पटवारी, राजस्व निरीक्षक और सहायक ग्रेड-3 से लेकर ड्राइवर, प्यून, चौकीदार और माली तक के पदों पर भर्ती के लिए विभागीय स्तर पर चयन की व्यवस्था सीमित की जा रही है। इन पदों को कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षा के जरिए भरने पर जोर दिया जा रहा है। इससे विभागों में होने वाली बैकडोर एंट्री पर रोक लगाने की तैयारी है।

कई विभाग अपने भर्ती नियमों में संशोधन कर चुके हैं, जबकि कुछ में प्रक्रिया जारी है। नई व्यवस्था में सामान्य प्रशासन, गृह-पुलिस, वन, जेल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जल संसाधन, कृषि, राजस्व, खनिज, श्रम, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, संस्कृति और खेल समेत कई विभाग शामिल हैं। ऊर्जा, मत्स्य, मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग के साथ निगम और सहकारी संस्थाओं के पद भी परीक्षा व्यवस्था के दायरे में आएंगे।

न्यूनतम योग्यता के आधार पर सात समूह

कर्मचारी चयन मंडल ने विभिन्न पदों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और सेवा की प्रकृति के आधार पर सात समूहों में बांटा है। इनमें तकनीकी-प्रशासनिक, कार्यालयीन, आशुलिपिक, शैक्षणिक, वर्दीधारी, विज्ञान-स्वास्थ्य और हाईस्कूल/तकनीकी स्तर के पद शामिल हैं। मंडल ने 2027 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर भी जारी किया है।

पटवारी से स्टाफ नर्स तक पद शामिल

स्नातक स्तर के समूह में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, अमीन, श्रम एवं खाद्य निरीक्षक, सहायक प्रोग्रामर और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जैसे पद हैं। कार्यालयीन श्रेणी में सहायक ग्रेड-3, स्टेनो टाइपिस्ट, डेटा एंट्री ऑपरेटर और पंजीयन लिपिक शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन और फार्मासिस्ट के पद भी परीक्षा के जरिए भरे जाएंगे।

ड्राइवर, भृत्य और माली भी दायरे में

सबसे निचले शैक्षणिक स्तर वाले समूह में वाहन चालक, भृत्य, चौकीदार, स्वीपर, माली, हमाल, वार्ड बॉय, आया, केयरटेकर और रसोइया जैसे पद रखे गए हैं। केंद्रीकृत परीक्षा व्यवस्था से अलग-अलग विभागों की भर्ती प्रक्रिया के बजाय एक समान चयन प्रणाली लागू होगी। इससे भर्ती में पारदर्शिता बढ़ने और स्थानीय स्तर पर होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है।