नई दिल्ली।
भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया था। भारतीय फैंस को उम्मीद थी कि अपनी स्विंग और अनुभव से भुवी कीवी बल्लेबाजों के पसीने छुड़ा देंगे, लेकिन यह वापसी उनके करियर का सबसे खराब दौर साबित हुई।
सभी मैच में हुए फ्लॉप
भुवनेश्वर कुमार को इस सीरीज के कुल चार मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन में मौका दिया गया। शुरुआती तीन मैचों में लगातार बेअसर साबित होने के बाद उन्हें चौथे टी20 में ड्रॉप कर दिया गया था, लेकिन हैमिल्टन में खेले गए पांचवें और आखिरी मैच में उनकी एक बार फिर वापसी कराई गई। हालांकि, मैदान बदलते ही किस्मत नहीं बदली और पूरी सीरीज के दौरान वे विकेट निकालने के लिए तरसते नजर आए।
180 का औसत और 11.25 की इकॉनमी, दर्ज हुआ टी-20 इतिहास का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड
इस पांच मैचों की टी20 सीरीज की 4 पारियों में गेंदबाजी करते हुए भुवनेश्वर कुमार को महज 1 विकेट से ही संतोष करना पड़ा। इस दौरान कीवी बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों पर जमकर रन बटोरे, जिसके चलते उनका इकॉनमी रेट 11.25 का रहा और गेंदबाजी औसत 180.00 पर पहुंच गया। इस बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के साथ ही भुवनेश्वर कुमार के नाम एक द्विपक्षीय T20I सीरीज में सबसे खराब गेंदबाजी औसत दर्ज करने का अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के काइल जैमीसन (175.00) के 5 साल पुराने शर्मनाक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत का यह स्टार स्विंग गेंदबाज अपनी अंतरराष्ट्रीय वापसी पर इस तरह के आंकड़ों का शिकार बनेगा। इस सीरीज में फ्लॉप होने के बाद अब ऐसा लग रहा है कि भुवनेश्वर कुमार का इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया है।
