CG Liquor Scam ED Action:छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल शराब घोटाले (Chhattisgarh Liquor Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बेहद आक्रामक और अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने घोटाले के मुख्य आरोपियों अनवर ढेबर (Anwar Dhebar), विकास अग्रवाल उर्फ डब्बू और कई अन्य शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों की लगभग बारह सौ करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क (Provisional Attachment) कर लिया है। कुर्क की गई इन संपत्तियों में गोवा का एक आलीशान होटल और कई राज्यों में फैली बेशकीमती जमीनें शामिल हैं।
कहां-कहां फैली हैं कुर्क की गई संपत्तियां?
ED की जांच में यह बात सामने आई है कि शराब घोटाले के जरिए कमाए गए काले धन (Crime Proceeds) को देश के अलग-अलग राज्यों में निवेश किया गया था। जांच एजेंसी ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, उनमें शामिल हैं:
- गोवा का शानदार होटल: घोटाले की रकम से गोवा में एक आलीशान होटल खरीदा गया था, जिसे ED ने अपनी कार्रवाई के दायरे में लिया है।
- कई राज्यों में जमीनें और फ्लैट्स: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और भिलाई के अलावा महाराष्ट्र के मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में मौजूद कई व्यावसायिक इमारतें, आवासीय फ्लैट और जमीनों को कुर्क किया गया है।
- बैंक बैलेंस और कीमती सामान: अचल संपत्तियों के साथ-साथ आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों में जमा करोड़ों रुपये और अन्य वित्तीय निवेशों को भी फ्रीज किया गया है।
सिंडिकेट के मुख्य चेहरों पर कसा शिकंजा
इस कार्रवाई में शराब सिंडिकेट को ऑपरेट करने वाले और इसमें आर्थिक सहयोग देने वाले कई बड़े नाम शामिल हैं:
- अनवर ढेबर और विकास अग्रवाल: घोटाले के मास्टरमाइंड माने जाने वाले अनवर ढेबर और उनके करीबी सहयोगी विकास अग्रवाल की अधिकांश बेनामी और घोषित संपत्तियों को जब्त किया गया है।
- शराब कारोबारी और अधिकारी: सिंडिकेट से जुड़े छत्तीसगढ़ के बड़े शराब निर्माताओं, डिस्टिलर्स और आबकारी विभाग के तत्कालीन भ्रष्ट अधिकारियों की संपत्तियों पर भी यह गाज गिरी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इन लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर राज्य में अवैध शराब (Part-A, Part-B) की बिक्री की और राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच हुई तेज
ED के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। एजेंसी इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि अवैध शराब की कमाई को किस तरह से वैध बनाने के लिए शेल कंपनियों और रियल एस्टेट सेक्टर का इस्तेमाल किया गया। इस ऐतिहासिक कुर्की के बाद प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
