रायपुर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने हाल ही में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वैच्छिक रक्तदाताओं के নিঃस्वार्थ सेवा भाव की जमकर तारीफ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विज्ञान की इतनी तरक्की के बावजूद रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प (Artificial Alternative) अब तक मौजूद नहीं है, और यह केवल एक स्वस्थ व्यक्ति के स्वैच्छिक दान से ही प्राप्त किया जा सकता है।
आपात स्थिति में जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर है ‘रक्त’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कई गंभीर बीमारियों और आपात स्थितियों में रक्त की एक-एक बूंद बेहद कीमती होती है। उन्होंने बताया कि निम्नलिखित परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है:
- थैलेसीमिया (Thalassemia)
- सिकल सेल (Sickle Cell)
- एनीमिया (Anemia)
- हिमोफिलिया (Hemophilia)
- कैंसर (Cancer)
- दुर्घटनाओं जैसी गंभीर आपात स्थिति (Accidental Emergencies)
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों में जो सेवा भाव है, वह किसी दूसरी जगह आसानी से देखने को नहीं मिलता। सालों से निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर रहे इन लोगों ने अनगिनत मरीजों को नया जीवन दिया है। ऐसे रक्तदाता समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं और उनकी यह सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
रेडक्रॉस सोसायटी के कार्यों की हुई तारीफ
अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी पूरी टीम के अथक प्रयासों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह संस्था वर्षों से जरूरतमंदों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन श्री तोमन साहू ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार प्रदर्शन किया। इस विशेष अवसर पर रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद रहे ये प्रमुख गणमान्य
इस सम्मान समारोह में कई प्रमुख अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- डॉ. सी.आर. प्रसन्ना: राज्यपाल के सचिव
- श्री रूपेश पाणिग्रही: उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस
- श्री संजय पटेल: कोषाध्यक्ष
- डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय: प्रभारी, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर
- श्री अशोक अग्रवाल: पूर्व चेयरमैन
इनके अलावा, रेडक्रॉस के अन्य पदाधिकारी, कई स्वैच्छिक रक्तदाता और सहयोगी संस्थानों तथा संगठनों के सदस्य भी इस गरिमामयी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
