रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार ने खेली 400 रन की पारी, सिर्फ दूसरी बार किसी बल्लेबाज ने किया ऐसा, सचिन तेंदुलकर से है खास नाता

रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सोमवार को एक नया अध्याय लिखा गया। मिजोरम के 29 साल के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने प्लेट ग्रुप के मैच में नागालैंड के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 400 रन ठोके। इसके साथ ही वह रणजी ट्रॉफी इतिहास में 400 रनों का आंकड़ा पार करने वाले भारत के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा पूर्व दिग्गज बीबी निंबालकर ने 1948-49 सीजन में (443* रन) किया था। क्रिकेट की दुनिया में ऐसा बेहद कम बार ही देखने को मिलता है।

517 गेंदों की ऐतिहासिक पारी, नागालैंड के गेंदबाजों को जमकर धोया

सोविमा में खेले जा रहे इस मुकाबले के दूसरे दिन 181 रनों के निजी स्कोर से आगे खेलने उतरे चिन्मय ने तीसरे सत्र में अपना चौधरा शतक पूरा किया। उन्होंने अपनी इस मैराथन पारी में 517 गेंदों का सामना किया, जिसमें 46 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। चिन्मय के इस नाबाद 400 रनों के दम पर मिजोरम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट खोकर 581 रनों पर घोषित की।

10वें विकेट के लिए 189 रनों की साझेदारी, नबंर 11 बल्लेबाज ने दिया शानदार साथ

चिन्मय सुतार को अपने इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचाने में मिजोरम के नंबर 11 बल्लेबाज लालरेमपुआ छकछुआक ने अहम भूमिका निभाई। जब मिजोरम का 9वां विकेट 392 रन पर गिरा, तब चिन्मय दूसरे छोर पर अकेले पड़ते दिख रहे थे। लेकिन लालरेमपुआ ने 76 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 14 रन बनाए और दोनों के बीच 10वें विकेट के लिए रिकॉर्ड नाबाद 189 रनों की साझेदारी हुई। मिजोरम की पारी में सुतार के बाद दूसरा सर्वोच्च स्कोर जेहू एंडरसन (69 रन) का रहा।

मुंबई से डेब्यू और सचिन तेंदुलकर से कनेक्शन

चिन्मय सुतार के पिता राजेश सुतार भी मुंबई के लिए 7 फर्स्ट-क्लास और 30 लिस्ट-ए मैच खेल चुके हैं। उन्होंने 1998 में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के साथ ब्रैबोर्न स्टेडियम में ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ ओपनिंग करते हुए 48 रनों की पारी खेली थी। वहीं खुद चिन्मय ने इसी साल जनवरी में मुंबई की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट-ए डेब्यू किया था और वह 2019 में इंडिया इमर्जिंग टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं।