क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल, लेकिन 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने की संभावना कम

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण पिछले तीन दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एक समय खाड़ी क्षेत्र का कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था, हालांकि बाद में कीमतें घटकर 77–79 डॉलर प्रति बैरल के बीच आ गईं।

तनाव बढ़ने के बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक नहीं पहुंचेंगी। उनका कहना है कि बाजार पहले ही युद्ध के असर को काफी हद तक अपने दामों में शामिल कर चुका है।

विशेषज्ञ अजय केडिया के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ रहा है। ओपेक+ देशों ने भी अगस्त से उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहेगी। इसी कारण कीमतों के 80–85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने की संभावना कम है।

हालांकि, कुछ कारण कीमतों को सहारा दे सकते हैं। कई देश अपने रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserve) दोबारा भर रहे हैं। वहीं, अमेरिका में अगस्त के दौरान तूफान के मौसम और रिफाइनरियों के रखरखाव के कारण उत्पादन अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें 70 से 85 डॉलर प्रति बैरल के बीच रह सकती हैं। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र का कच्चा तेल लगभग 77.5 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड करीब 73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।