जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे

जशपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने शुक्रवार को जशपुर कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाई जाएं।

बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पाटनवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. लकड़ा ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए संचालित सभी योजनाओं का पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। जिन क्षेत्रों में योजनाओं की प्रगति अपेक्षित नहीं है, वहां विशेष अभियान चलाकर कार्यों में तेजी लाई जाए।

उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की संवैधानिक भूमिका की जानकारी देते हुए कहा कि आयोग को जांच के दौरान दीवानी न्यायालय के समान अधिकार प्राप्त हैं। आयोग आवश्यकता पड़ने पर अधिकारियों को समन जारी कर सकता है, सार्वजनिक अभिलेख तलब कर सकता है और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग की अनुशंसाएं संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं, इसलिए शिकायतों और सुझावों पर गंभीरता से कार्रवाई जरूरी है।

शिक्षा और छात्रावासों की सुरक्षा पर विशेष जोर

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान डॉ. लकड़ा ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बालिका छात्रावासों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने और विद्यालयों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि जिले में 400 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हैं। विद्यार्थियों के लिए थ्री-डी प्लेनेटोरियम शो आयोजित किए जा रहे हैं और हाल ही में मनोरा में छात्रों ने 10 हजार फीट तक उड़ान भरने वाले एमेच्योर रॉकेट का सफल प्रक्षेपण भी किया है।

धरती आबा अभियान और जनमन योजना पर फोकस

आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान डॉ. लकड़ा ने धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम अभियान और जनमन योजना को प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। साथ ही कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए अधिक से अधिक जनजातीय परिवारों को आजीविका से जोड़ने पर भी बल दिया।

संवेदनशील पुलिसिंग और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश

पुलिस विभाग की समीक्षा में उन्होंने अनुसूचित जनजाति समुदाय से जुड़े मामलों में संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा।

बैठक में आयोग के कंसल्टेंट एच.आर. मीणा, जे.पी. सिंह, सीनियर इन्वेस्टिगेटर सोनल राज, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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