छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आज अचानक आए भूकंप के झटकों ने क्षेत्र में दहशत फैला दी। दोपहर के वक्त जब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक धरती कांपने लगी। झटके महसूस होते ही लोग डर के मारे अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदान की ओर भागने लगे। भूकंप की तीव्रता कम होने के बावजूद इसके अहसास ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह डरा दिया है।
भूकंप का केंद्र और इसकी सटीक तीव्रता के बारे में मौसम विभाग और भूकंप विज्ञान केंद्र से आधिकारिक आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिला मुख्यालय सहित आसपास के कुछ ग्रामीण इलाकों में भी कंपन महसूस किया गया। गनीमत यह रही कि अभी तक कहीं से भी जान-माल के बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि झटके कुछ ही सेकंड के लिए महसूस किए गए, लेकिन वे इतने स्पष्ट थे कि घरों में रखे बर्तन और पंखे तक हिलने लगे। कंपन महसूस होते ही लोगों ने एक-दूसरे को सतर्क किया और सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लगा दी। काफी देर तक लोग दोबारा झटके आने की आशंका में अपने घरों के अंदर जाने से कतराते रहे।
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने स्थानीय राजस्व अधिकारियों और मैदानी अमले को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी तरह के नुकसान का जायजा लें। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से भूकंप के दृष्टिकोण से संवेदनशील जोन में आते हैं, जहां समय-समय पर इस तरह के हल्के कंपन महसूस किए जाते रहे हैं। हालांकि, गरियाबंद जैसे मैदानी और वन क्षेत्र में अचानक आए इस झटके ने भूगर्भीय हलचलों को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
फिलहाल पूरे जिले में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अचानक आई इस प्राकृतिक हलचल ने लोगों के बीच चर्चा और सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना दिया है। मौसम विभाग जल्द ही इस भूकंप की गहराई और केंद्र बिंदु को लेकर विस्तृत रिपोर्ट जारी कर सकता है।
