2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य, नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में 3600 जवान शहीद: गृहमंत्री अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को मिलकर अभियान चलाना होगा।

बुधवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि नशे का कारोबार देश की युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचाने के साथ अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी चुनौती है।

शाह ने कहा कि नशे से होने वाली कमाई का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में भी किया जाता है। ऐसे में इस कारोबार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है।

नक्सलवाद के खिलाफ जवानों के बलिदान को किया याद

गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में CRPF, CoBRA बटालियन और छत्तीसगढ़ पुलिस के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई में करीब 3,600 जवानों ने बलिदान दिया है। इन जवानों के साहस और समर्पण ने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

शाह ने कहा कि कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के प्रयासों से हालात में सुधार आया है। उन्होंने जवानों के योगदान को देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।

ड्यूटी के दौरान 36,852 पुलिसकर्मी शहीद

शाह ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक देश में ड्यूटी के दौरान 36,852 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं। इनमें इस साल शहीद हुए 154 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके परिवारों के नुकसान की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरा देश उनके बलिदान का सम्मान करता है।

नशामुक्ति के संदेश के साथ निकली बाइक रैली

कार्यक्रम से पहले शाह ने करीब 90 पुलिस राइडर्स की देशव्यापी बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। इसमें CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB और NSG समेत विभिन्न सुरक्षा संगठनों के जवान शामिल हैं।

रैली कई राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी, जहां 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित एकता परेड में राइडर्स हिस्सा लेंगे।

राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 CRPF जवानों की याद में समर्पित है।