लुधियाना। पंजाब कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरियों को कम करने के लिए पार्टी हाईकमान ने रणनीतिकार नरेश अरोड़ा को जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अरोड़ा दोनों नेताओं के बीच एक बैठक भी करा चुके हैं और आगे समन्वय की प्रक्रिया जारी है।
नरेश अरोड़ा वही रणनीतिकार हैं, जिन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। कांग्रेस की जीत के बाद वहां सरकार गठन में भी उनकी रणनीति को महत्वपूर्ण माना गया था। अब हाईकमान पंजाब में भी इसी फार्मूले के जरिए गुटबाजी खत्म करना चाहता है।
सूत्रों के अनुसार, अरोड़ा जल्द ही पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर संगठन में बेहतर तालमेल बनाने की रणनीति साझा करेंगे। उनका उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले पार्टी को एकजुट करना है।
इधर, कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल गुरुवार को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। वह अगले नौ दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर पार्टी की अंदरूनी स्थिति, गुटबाजी के प्रभाव और कार्यकर्ताओं की राय का फीडबैक लेंगे।
बताया जा रहा है कि बघेल अपनी विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस नेतृत्व को सौंपेंगे। इसके आधार पर हाईकमान पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव या अन्य महत्वपूर्ण फैसले ले सकता है।
