दिल्ली। वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। महज 60 सेकेंड के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो झटकों ने राजधानी कराकस समेत कई शहरों को हिला दिया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार पहला भूकंप शाम 6:34 बजे और दूसरा 6:35 बजे दर्ज किया गया। दोनों का केंद्र राजधानी कराकस से लगभग 290 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था।
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई बहुमंजिला इमारतें ढह गईं, जबकि अनेक भवन खतरनाक रूप से झुक गए। कराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की छत का एक हिस्सा भी गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। मेट्रो और ट्रेन सेवाएं भी एहतियातन बंद कर दी गई हैं।
वेनेजुएला सरकार ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि अब तक 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि मृतकों की संख्या काफी बढ़ सकती है। USGS के मुताबिक 10 हजार से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका 44 प्रतिशत तक है, जबकि एक लाख तक मौतों की संभावना भी जताई गई है।
राहत और बचाव दल रातभर मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे। कई स्थानों पर गैस रिसाव की आशंका को देखते हुए सरकार ने गैस सप्लाई भी अस्थायी रूप से बंद कर दी है। भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक आने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार वेनेजुएला कैरीबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के संगम क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेटों के बीच अचानक हुई तेज हलचल के कारण यह विनाशकारी भूकंप आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए भारत की ओर से हरसंभव सहायता देने की पेशकश की है।
