नक्सल हिंसा के 13 पीड़ितों को 32 लाख की सहायता, पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी राहत

बीजापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के तहत बीजापुर जिले में नक्सली हिंसा के 13 पीड़ितों को कुल 32 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

वन एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर यह सहायता पुनर्वास नीति के अंतर्गत प्रदान की जा रही है।

यह आर्थिक सहायता उन लोगों के लिए स्वीकृत की गई है, जो नक्सली हिंसा, आईईडी विस्फोट, बारूदी सुरंग या माओवादियों के हमलों में गंभीर रूप से घायल हुए हैं अथवा स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए हैं।

सरकार का उद्देश्य ऐसे पीड़ितों को आर्थिक संबल देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और बेहतर पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराना है।

सहायता प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की क्रॉस फायरिंग में घायल नंदू ओयाम और जिला कुंजाम, माओवादियों की मारपीट में घायल ईस्ता बोर्रा, बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल मितराम रावटे, आईईडी विस्फोट में घायल कोरसे संतोष, चिड़ेम कन्हैया और कविता कुड़ियम शामिल हैं। इसके अलावा माओवादियों की मारपीट से स्थायी रूप से दिव्यांग हुए इच्चामी सुदरू तथा आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल या दिव्यांग हुए राममूर्ति कारम, बबलू उर्फ मोहन कड़ती, गंगा कलमू, राजेश कुमार यादव और सोढ़ी मुकेश को भी सहायता मिलेगी।

कलेक्टर विश्वदीप ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से शीघ्र हितग्राहियों के बैंक खातों में किया जाए, ताकि उन्हें समय पर राहत मिल सके।

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सली हिंसा से प्रभावित नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई राह प्रदान कर रही है। यह पहल पीड़ित परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।