मुख्यमंत्री विष्णु देव साय –

रायपुर।

पुलिस परेड ग्राउंड, बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास शौर्य, बलिदान और गौरव से ओत-प्रोत है। देश की स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय वीरों का योगदान अतुलनीय और अविस्मरणीय रहा है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक रूप से अधिकारी थे।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा की स्थापना तथा शहर के एक प्रमुख चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने, जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300 और 200 सीटर के अत्याधुनिक पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास की स्थापना तथा कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक उपेक्षा को सुधारा है और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान एवं विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि में गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय ने पूरे देश में स्वाभिमान और गर्व की नई चेतना जगाई है।मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय वीरों और नायकों के योगदान को सम्मानित किया है। यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से बेहतर ढंग से परिचित हो सके।पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय  अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दी। उन्होंने आदिम जाति कल्याण मंत्रालय की स्थापना कर जनजातीय विकास हेतु विशेष बजट प्रावधान सुनिश्चित किए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि से देश के 6,600 से अधिक गांवों में तीव्र विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत सड़क, आवास और मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है तथा इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों, समाजसेवियों तथा स्कैच तैयार करने वाली दीपिका ध्रुव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन बिलासपुर के लिए सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब 329 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को स्वतंत्रता आंदोलन के महा-नायक बताते हुए नवा रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख किया और सभी से उसे अवश्य देखने की अपील की।इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक,   अमर अग्रवाल,  धर्मजीत सिंह,  सुशांत शुक्ला,   दिलीप लहरिया,  अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष   भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष   राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, महापौर  पूजा विधानी, जनजातीय समाज के  हेमंत राज,  वीरेंद्र सिंह राज,  उमेश कश्यप,  दना उइके,   वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त  सुनील जैन, आईजी  संजीव शुक्ला, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।