छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से

नई योजनाओं और विधेयकों के साथ विकास का खाका तैयार

23 फ़रवरी से शुरू होगा छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र,
24 फ़रवरी को वित्त मंत्री पेश करेंगे विष्णु देव सरकार का बजट
सत्र में पेश होंगे धर्मांतरण संशोधन समेत 12 अहम बिल
विधायकों ने अब तक लगाए 2800 से ज़्यादा प्रश्न.
कोंटा विधायक कवासी लखमा को सशर्त मिली बजट सत्र में शामिल होने की मंज़ूरी
मीडिया और सदन में अपने केस पर बोलने पर रहेगी सख़्त रोक

एंकर:छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फ़रवरी से शुरू होने जा रहा है. इस सत्र में विष्णु देव सरकार के विकास का रोडमैप यानी वर्ष 2026-27 का बजट 24 फ़रवरी को पेश किया जाएगा.
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज स्पष्ट किया कि सत्र की शुरुआत 23 फ़रवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से होगी. इसके बाद, 24 फ़रवरी को दोपहर साढ़े बारह बजे राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बजट सदन पटल पर रखेंगे. 25 फ़रवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की जाएगी.

20 मार्च तक चलने वाले इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं. सत्र के दौरान 12 अहम विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है, जिनमें ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ और ‘लोक सुरक्षा प्रवर्तन विधेयक’ प्रमुख हैं. अब तक विधायकों की ओर से 2800 से ज़्यादा सवाल लगाए जा चुके हैं. 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी और 18 मार्च को विनियोग विधेयक पारित किया जाएगा.
इस बीच, एक अहम घटनाक्रम में कोंटा विधायक कवासी लखमा को बजट सत्र में शामिल होने के लिए शर्तों के साथ अनुमति दी गई है. महाधिवक्ता के अभिमत के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि विधायक लखमा को अपने आने-जाने की पूरी जानकारी और मोबाइल नंबर प्रशासन के साथ साझा करना होगा.

निर्देशों के मुताबिक, लखमा सदन या मीडिया में अपने ऊपर चल रहे मुक़दमे को लेकर कोई बयान नहीं दे सकेंगे. नियमों का उल्लंघन करने पर उनकी यह अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी. हालाँकि, वो सदन में अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दे और प्रस्ताव रख सकेंगे.