रूसी तेल की सप्लाई पर ब्रेक: सिर्फ 24 घंटे बाकी, भारत में पेट्रोल-डीजल के भारी संकट की आशंका!

Russian Crude Oil

Russian Crude Oil:भारत में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत को रूस से मिलने वाले सस्ते कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई जल्द ही रुक सकती है। इसके लिए अब सिर्फ एक दिन का समय बचा है। इस खबर के सामने आते ही देश भर में ईंधन के भारी संकट की आशंका गहरा गई है, जिसके चलते कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर ‘पैनिक बाइंग’ (Panic Buying) शुरू हो गई है।

क्यों रुक रही है रूसी तेल की सप्लाई?

इस पूरे संकट के पीछे पश्चिमी देशों और अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए जा रहे नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंध हैं।

  • कड़े बैंकिंग और शिपिंग प्रतिबंध: अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) ने रूसी तेल ले जाने वाले टैंकरों और उनका बीमा करने वाली कंपनियों पर नकेल कसने की नई समयसीमा तय की है, जो अगले 24 घंटों में लागू होने जा रही है।
  • पेमेंट का संकट: इन प्रतिबंधों के कारण भारतीय रिफाइनरियों के लिए रूसी तेल का भुगतान करना लगभग असंभव हो जाएगा।

भारत पर इसका क्या असर होगा?

भारत अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का 85% आयात करता है, जिसमें पिछले कुछ समय से रूस सबसे बड़ा सप्लायर (लगभग 35-40%) बनकर उभरा था।

  • अगर रातों-रात रूसी तेल की सप्लाई रुक जाती है, तो भारतीय तेल कंपनियों को अचानक मध्य पूर्व (Middle East) या अमेरिका से महंगे दामों पर तेल खरीदना पड़ेगा।
  • इससे न केवल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, बल्कि सप्लाई चेन बिगड़ने से देश के कई हिस्सों में ईंधन की भारी किल्लत (Shortage) पैदा हो सकती है।

सरकार का क्या कहना है?

इसी मंडराते संकट और अफवाहों के बीच देश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जनता से संयम बरतने की अपील की है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि देश के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) में पर्याप्त स्टॉक है और वैकल्पिक सप्लायर्स के साथ बातचीत जारी है, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।