Amit Shah Chhattisgarh Visit:केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर तक सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। यह दौरा न केवल आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही सियासी बयानबाजी को भी एक नई धार दे रहा है। अमित शाह के इस दौरे का मुख्य केंद्र मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की बैठक और बस्तर क्षेत्र को पूरी तरह से नक्सल मुक्त बनाने का रोडमैप है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक
राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक रणनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद खास है।
- इस बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व शीर्ष अधिकारी शामिल होते हैं।
- बैठक का मुख्य एजेंडा राज्यों के बीच आपसी समन्वय, बुनियादी ढांचे का विकास, और सीमावर्ती सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालना है।
- राज्य सरकार इस मंच के जरिए राज्य विकास प्राधिकरण और प्रशासनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अहम प्रस्ताव भी केंद्र के सामने रख सकती है।
बस्तर को ‘नक्सल मुक्त’ बनाने का मास्टर प्लान
इस दौरे का दूसरा और सबसे अहम पहलू बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे ‘निर्णायक युद्ध’ की समीक्षा करना है।
- गृह मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आने वाले समय में देश को पूरी तरह से वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करना है।
- अमित शाह शीर्ष पुलिस अधिकारियों, सीआरपीएफ (CRPF) के डीजी और खुफिया एजेंसियों के साथ एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक कर रहे हैं, जिसमें बस्तर में चलाए जा रहे हालिया एंटी-नक्सल ऑपरेशंस और विकास कार्यों (सड़क, मोबाइल टावर, और स्वास्थ्य सेवाओं) की प्रगति का जायजा लिया जा रहा है।
कांग्रेस बनाम बीजेपी: सियासी वार-पलटवार
गृह मंत्री के दौरे को लेकर प्रदेश में राजनीति भी गरमाई हुई है। विपक्षी दल कांग्रेस लगातार कानून-व्यवस्था और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अपनाई जा रही नीतियों पर सवाल खड़े कर रही है। वहीं, सत्ता पक्ष का दावा है कि ‘डबल इंजन’ की सरकार ने नक्सलवाद को बैकफुट पर धकेल दिया है और यह दौरा इस ताबूत में आखिरी कील ठोकने का काम करेगा।
