सिलिकॉन वैली में टैलेंट वॉर: 200 मिलियन डॉलर के पैकेज वाले दिग्गज AI रिसर्चर रुओमिंग पांग मेटा छोड़कर OpenAI में हुए शामिल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया में तकनीकी विकास की प्रतिस्पर्धा अब दुनिया के बेहतरीन टैलेंट को अपने पाले में करने की एक तीखी होड़ में तब्दील हो गई है। चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली अग्रणी टेक कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने दुनिया के दिग्गज एआई रिसर्चर रुओमिंग पांग (Ruoming Pang) को अपने साथ जोड़ लिया है। पांग मात्र सात महीने पहले ही एप्पल (Apple) छोड़कर मार्क ज़ुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta) में शामिल हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा ने उन्हें अपनी महत्वकांक्षी ‘सुपरइंटेलिजेंस लैब्स’ के लिए काम करने के वास्ते 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1,600 से 1,800 करोड़ रुपये) से अधिक का भारी-भरकम मल्टी-ईयर कंपनसेशन पैकेज दिया था। इतनी बड़ी आर्थिक पेशकश और शीर्ष पद के बावजूद, ओपनएआई उन्हें अपनी ओर खींचने में सफल रहा है, जो सिलिकॉन वैली में चल रहे ऐतिहासिक ‘टैलेंट वॉर’ की गंभीरता को साफ तौर पर दर्शाता है।

रुओमिंग पांग एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के निर्माण में विश्व के चंद सबसे काबिल विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। मेटा में वे उस टीम का अहम हिस्सा थे जिसे कंपनी के ‘नेक्स्ट जनरेशन’ एडवांस एआई मॉडल विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ओपनएआई कई महीनों से उन्हें अपनी टीम में शामिल करने का लगातार प्रयास कर रहा था और अंततः पिछले सप्ताह पांग ने मेटा से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा देकर ओपनएआई का दामन थाम लिया। हालांकि ओपनएआई ने सार्वजनिक तौर पर उनके नए पद, जिम्मेदारी और वित्तीय पैकेज का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि इस स्तर के बदलाव के लिए उन्हें मेटा से भी अधिक आकर्षक और अभूतपूर्व शर्तें पेश की गई होंगी।

  • रुओमिंग पांग ने मेटा में लगभग सात महीने तक ‘सुपरइंटेलिजेंस लैब्स’ के भीतर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का नेतृत्व किया।
  • मेटा में शामिल होने से पहले वे एप्पल में फाउंडेशन मॉडल टीम के प्रमुख थे और वहां चार साल तक ‘एप्पल इंटेलिजेंस’ के कोर सिस्टम पर काम किया था।
  • पांग के पास गूगल (Google) में काम करने का 15 वर्षों से अधिक का वृहद कार्यानुभव है, जहां उन्होंने मशीन लर्निंग और बड़े पैमाने के डेटाबेस सिस्टम विकसित किए।
  • मेटा के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग एआई की रेस में आगे निकलने के लिए निजी दिलचस्पी लेते हुए दुनियाभर के शीर्ष विशेषज्ञों को भारी भरकम पैकेज पर नियुक्त कर रहे हैं।
  • रुओमिंग पांग के ओपनएआई में जाने से मेटा के ‘आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस’ (AGI) प्रोजेक्ट को एक बड़ा झटका लगा है, जबकि ओपनएआई की तकनीकी आधारशिला और अधिक मजबूत हुई है।

इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक टेक जगत में एक बात पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है कि भविष्य की एआई तकनीक का नेतृत्व वही संगठन करेगा जिसके पास सबसे बेहतरीन और अनुभवी मानव संसाधन उपलब्ध होंगे। मौजूदा समय में बड़ी टेक कंपनियां जैसे गूगल, मेटा, एप्पल और ओपनएआई अब केवल कंप्यूटिंग पावर, सर्वर या डेटा सेंटर्स पर निवेश नहीं कर रही हैं, बल्कि वे उन मुख्य ‘आर्किटेक्ट्स’ और इंजीनियरों पर करोड़ों डॉलर खर्च कर रही हैं जो इन जटिल एआई मॉडल्स की रूपरेखा तय करते हैं। पांग जैसे बहुआयामी विशेषज्ञ का गूगल, एप्पल और मेटा जैसे दिग्गजों के बाद अब सीधे ओपनएआई में जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि एआई का अगला चरण केवल मशीनरी तक सीमित नहीं है। अब पूरी जंग इस बात पर टिक गई है कि कौन सी टेक कंपनी दुनिया के सबसे दुर्लभ और बेहतरीन टैलेंट को अपने विजन के साथ लंबे समय तक साधे रखने में सफल होती है।