Pune Airport:पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। भारतीय वायुसेना (IAF) के एक लड़ाकू विमान की रनवे पर हार्ड लैंडिंग हुई। इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट के रनवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे सिविलियन उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं। करीब 8 घंटे तक एयरपोर्ट पर कोई भी विमान न तो उड़ान भर सका और न ही लैंड कर सका। शनिवार सुबह जाकर एयरपोर्ट का ऑपरेशन सामान्य हो पाया।
लैंडिंग गियर खराब होने से हुआ हादसा
पुणे एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे यह घटना हुई। वायुसेना का लड़ाकू विमान जब लैंडिंग कर रहा था, उसी दौरान उसका लैंडिंग गियर (अंडरकैरेज) खराब हो गया। इसके कारण विमान रनवे से जोर से टकराया, जिसे एविएशन की भाषा में हार्ड लैंडिंग कहा जाता है।
हालांकि इस बात की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि यह कौन सा फाइटर जेट था, लेकिन भारतीय वायुसेना ने पुष्टि की है कि विमान का क्रू पूरी तरह सुरक्षित है। घटना के तुरंत बाद रनवे के मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया था।
5 एयरलाइंस की 91 फ्लाइट्स हुईं कैंसिल
रनवे बंद होने का सबसे ज्यादा खामियाजा आम यात्रियों को उठाना पड़ा। रात भर पुणे एयरपोर्ट पर सैंकड़ों यात्री फंसे रहे। एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक, रनवे क्लीयर न होने के कारण 5 अलग-अलग एयरलाइंस की कुल 91 फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा।
इनमें सबसे ज्यादा इंडिगो की 65 फ्लाइट्स शामिल थीं। इसके अलावा एअर इंडिया एक्सप्रेस की 10, एअर इंडिया की 6, स्पाइसजेट की 5 और अकासा एयर की 5 उड़ानें भी रद्द की गईं। शनिवार सुबह 7.30 बजे के बाद जब रनवे पूरी तरह से क्लीयर हो गया, तब जाकर फ्लाइट ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया, हालांकि इसे पूरी तरह सामान्य होने में दिन भर का समय लगा।
क्या होती है हार्ड लैंडिंग और इसके नुकसान?
आम तौर पर विमान को रनवे पर धीरे-धीरे और स्मूद तरीके से उतारा जाता है, लेकिन जब विमान तेजी से नीचे आता है या रनवे से जोर से टकराता है, तो उसे हार्ड लैंडिंग कहते हैं।
इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे खराब मौसम, पायलट के कैलकुलेशन में गड़बड़ी या हवा के दबाव में अचानक बदलाव। हार्ड लैंडिंग से रनवे की ऊपरी परत में दरारें आ सकती हैं और छोटे गड्ढे बन सकते हैं। इसके अलावा टायर की रबर के गहरे निशान बन जाते हैं, जिससे रनवे की पकड़ कमजोर हो जाती है और भविष्य में अन्य विमानों के लिए जोखिम पैदा हो सकता है। इसी वजह से हार्ड लैंडिंग के बाद रनवे का पूरा निरीक्षण और मरम्मत करना अनिवार्य होता है।
