छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के उत्थान की दिशा में अभूतपूर्व और सकारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। राज्य की महिलाएं अब केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होकर समाज का नेतृत्व कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रहे ‘Chhattisgarh women empowerment’ के प्रयासों की जमकर सराहना की है और इसे ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन का मुख्य आधार बताया है।
Chhattisgarh women empowerment: सीएम साय का बयान
जनसंपर्क विभाग (DPRCG) की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की महिलाएं अपनी कड़ी मेहनत, आत्मनिर्भरता (Self-reliance) और नवाचार (Innovation) के जरिए अपनी एक नई और सशक्त पहचान गढ़ रही हैं। आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं पारंपरिक कृषि से लेकर कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प और यहां तक कि ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। राज्य सरकार का यह ‘Chhattisgarh women empowerment’ मॉडल महिलाओं को हर कदम पर मजबूत बना रहा है।
स्व-सहायता समूहों और योजनाओं का कमाल
मुख्यमंत्री ने इस जमीनी बदलाव का श्रेय राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूहों (SHGs) को दिया है।
‘बिहान’ (Bihaan) योजना और ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी सफल पहलों ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को बड़ी आर्थिक आजादी दी है। आसान बैंक ऋण (Bank Loan) सुविधाओं के जरिए हजारों महिलाएं अपने खुद के व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। उनके द्वारा बनाए गए इनोवेटिव उत्पादों को सी-मार्ट (C-Mart) जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए बड़ा बाजार मिल रहा है।
आर्थिक स्वतंत्रता से बदल रही तस्वीर
आर्थिक स्वतंत्रता ने प्रदेश की महिलाओं के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा दिया है। अब वे अपने परिवार के आर्थिक फैसलों में महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार महिलाओं को सफल उद्यमी (Entrepreneurs) बनाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करती रहेगी।
