भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) पर पश्चिम बंगाल के एक मंत्री द्वारा की गई अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी ने पूरे देश में भारी राजनीतिक उबाल ला दिया है। इस निंदनीय घटना पर सख्त ऐतराज जताते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक बेहद कड़ा रुख अपनाया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने इस ‘CM Vishnu Deo Sai letter’ (मुख्यमंत्री के पत्र) में उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
CM Vishnu Deo Sai letter: ममता बनर्जी को दी सख्त नसीहत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने आधिकारिक पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि राष्ट्रपति जैसे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन एक महिला के खिलाफ ऐसी ओछी बयानबाजी पूरी तरह से अस्वीकार्य है। ‘CM Vishnu Deo Sai letter’ के माध्यम से उन्होंने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि इस तरह के अमर्यादित बयानों से न केवल राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि पूरे देश का सिर शर्म से झुक गया है।
आदिवासी समाज (Tribal Community) का घोर अपमान
स्वयं एक बड़े आदिवासी चेहरे के रूप में, सीएम साय ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि द्रौपदी मुर्मू देश के करोड़ों आदिवासियों और वंचित वर्गों का गौरव हैं। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि यह टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के पूरे आदिवासी समाज (Tribal Community) और मातृशक्ति का खुला अपमान है, जिसे देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
संवैधानिक गरिमा और मंत्री की बर्खास्तगी की मांग
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने पत्र के अंत में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से यह स्पष्ट और सीधी मांग की है कि वह बिना किसी देरी के इस असंवैधानिक कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही, संवैधानिक गरिमा (Constitutional Dignity) को बनाए रखने के लिए विवादित बयान देने वाले मंत्री को तुरंत उनके पद से बर्खास्त किया जाए।
