छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की दिशा में सरकारी योजनाओं के शानदार परिणाम जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहे हैं। राजधानी रायपुर की रहने वाली संगीता सिंह ने अपने दृढ़ संकल्प और डिजिटल साक्षरता से समाज में एक नई पहचान बनाई है। ‘Sangeeta Singh Aadhaar services’ (संगीता सिंह की आधार सेवाएं) आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। आधार कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं प्रदान करके संगीता न केवल पूरी तरह से आत्मनिर्भर (Self-reliant) बन गई हैं, बल्कि उन्होंने प्रदेश की अन्य महिलाओं के लिए भी स्वावलंबन की एक बड़ी मिसाल पेश की है।
Sangeeta Singh Aadhaar services: डिजिटल सेवाओं से बदली जिंदगी
स्थानीय लोगों को पहले अपने आधार कार्ड (Aadhaar Card) में सुधार या नए पंजीकरण के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस समस्या को समझते हुए संगीता ने सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत अपना खुद का आधार सेवा केंद्र शुरू किया। ताज़ा ‘Sangeeta Singh Aadhaar services’ की सफलता की कहानी दर्शाती है कि वह अब स्थानीय नागरिकों के बायोमेट्रिक अपडेट, डेमोग्राफिक विवरण और पते में सुधार जैसे जरूरी काम बेहद आसानी और प्रामाणिकता के साथ कर रही हैं, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
आर्थिक स्वावलंबन (Economic Independence) और जनसेवा
इस डिजिटल स्वरोजगार ने संगीता की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। आज वह हर महीने एक सम्मानजनक आय (Good Income) अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार के भरण-पोषण में मजबूत आर्थिक योगदान दे रही हैं। उनका यह काम केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जनसेवा (Public Service) भी बन गया है।
महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की प्रेरणा
राज्य जनसंपर्क विभाग (DPRCG) द्वारा साझा की गई यह ‘विशेष रिपोर्ट’ स्पष्ट करती है कि यदि महिलाओं को सही तकनीकी मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे स्वरोजगार के क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ सकती हैं। संगीता सिंह की यह सफलता प्रदेश की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही है।
