अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब एक बेहद नाज़ुक और ख़तरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताज़ा Middle East War (मिडिल ईस्ट वॉर) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका द्वारा पेश किए गए सीज़फ़ायर (Ceasefire) प्रस्ताव को साफ़ तौर पर ठुकरा दिया है। आधिकारिक न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पाकिस्तान और अन्य देशों की कूटनीतिक मध्यस्थता की कोशिशें भी पूरी तरह से नाकाम साबित हुई हैं। इस ताज़ा और सख़्त विवाद के बाद वैश्विक आर्थिक बाज़ार में भारी गिरावट और कच्चे तेल की क़ीमतों में भारी उछाल रोज़ देखने को मिल रहा है।
Middle East War: ईरान (Iran) का सख़्त रुख़ और नई शर्तें
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव के ख़िलाफ़ अपना सबसे सख़्त और कड़ा रुख़ अपनाया है। तेहरान ने साफ़ कर दिया है कि वाशिंगटन की शर्तें उन्हें किसी भी क़ीमत पर मंज़ूर नहीं हैं। इसके जवाब में ईरान ने अपनी 5 नई और ख़ास शर्तें पूरी दुनिया के सामने रखी हैं। इन अहम शर्तों में सैन्य हमलों पर तुरंत रोक, भविष्य के लिए पुख़्ता सुरक्षा गारंटी और युद्ध से हुए भारी नुक़सान के पूरे मुआवज़े की तेज़ मांग शामिल है।
पाकिस्तान (Pakistan) का मध्यस्थता प्लान पूरी तरह फ़ेल
इस्लामाबाद में चल रही कूटनीतिक मध्यस्थता की कोशिशें बिना किसी सकारात्मक नतीजे के समाप्त हो गई हैं। राजनयिकों ने कूटनीतिक बातचीत के ज़रिए इस विनाशकारी युद्ध को रोकने पर अपना पूरा ज़ोर लगाया था, लेकिन ईरान ने इसे सिरे से ख़ारिज कर दिया। ईरान का साफ़ मानना है कि शांति समझौते की रूपरेखा उसी के सख़्त नियमों के आधार पर तय की जाएगी।
आगे का ख़तरनाक क़दम और ज़्यादा तबाही का ख़तरा
ग़ौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को रोकने की मांग की थी, जिसे तेहरान ने अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है। अब अगर दोनों देश जल्द ही कोई शांतिपूर्ण और अहम फ़ैसला नहीं लेते हैं, तो इस तेज़ युद्ध के कारण पूरे क्षेत्र में बहुत ज़्यादा तबाही मच सकती है। दुनिया की नज़रें अब अमेरिका के अगले क़दम पर टिकी हैं।
