CG Anti Conversion Law: राज्यपाल रमेन डेका ने किए हस्ताक्षर, छत्तीसगढ़ में लागू हुआ धर्मांतरण क़ानून

A conceptual image highlighting the CG Anti Conversion Law, showing a signed legal document representing the Freedom of Religion Bill alongside a gavel and the emblem of the Chhattisgarh state government.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की क़ानून व्यवस्था में एक बेहद ताज़ा बदलाव हुआ है। ताज़ा CG Anti Conversion Law (सीजी एंटी कन्वर्जन लॉ) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, राज्य में अब धर्मांतरण के ख़िलाफ़ नया क़ानून लागू हो गया है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, राज्यपाल रमेन डेका ने इस नए सख़्त बिल पर अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं। प्रदेश के सामाजिक बाज़ार में रोज़ इस बात की तेज़ चर्चा थी कि यह क़ानून कब ज़मीनी स्तर पर उतरेगा। अब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने साफ़ किया है कि इसे ज़्यादा कड़ाई से लागू किया जाएगा, जो धोखाधड़ी से धर्म बदलने वालों के लिए एक ख़ास झटका है।

CG Anti Conversion Law: ज़ुर्माने और सज़ा का सख़्त प्रावधान

इस नए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के तहत, अगर कोई व्यक्ति ज़बरदस्ती, धोखाधड़ी या लालच देकर किसी नागरिक का धर्मांतरण कराता है, तो उसके ख़िलाफ़ बेहद सख़्त क़ानूनी क़दम उठाया जाएगा। नियमों के अनुसार, ऐसे गंभीर दोषियों को 10 से 20 साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है। इसके साथ ही उन पर 10,00,000 रुपये तक का भारी ज़ुर्माना लगाने का अहम फ़ैसला भी लिया गया है। इस क़ानून के लागू होने से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी।

धर्मांतरण के लिए 60 दिन पहले देनी होगी सूचना

नए नियम के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्ज़ी से धर्म बदलना चाहता है, तो उसे अब कम से कम 60 दिन पहले ज़िला मजिस्ट्रेट को लिखित सूचना देनी होगी। बिना सूचना और जांच के किया गया धर्मांतरण अवैध माना जाएगा। राज्य सरकार का पूरा ज़ोर इस बात पर है कि किसी नागरिक को गुमराह न किया जा सके। प्रशासन इसे ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए तेज़ और उचित कार्रवाई कर रहा है।