इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली इस टीम ने अब तक एक भी मैच नहीं जीता है। IPL 2026 KKR (आईपीएल 2026 केकेआर) की हालत यह है कि टीम ने अब तक खेले गए 5 मैचों में से 4 में हार का सामना किया है, जबकि एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया। इस खराब शुरुआत के बाद अब सीधे तौर पर कप्तान अजिंक्य रहाणे की भूमिका और उनके बल्लेबाजी के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
37 साल के रहाणे का पुराना अंदाज
आईपीएल के इस आधुनिक दौर में जहां युवा बल्लेबाज ताबड़तोड़ रन बना रहे हैं, वहीं अजिंक्य रहाणे का बल्लेबाजी का तरीका काफी पुराना नजर आ रहा है।
- अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी टी20 प्रारूप को एक नए स्तर पर ले जा रहे हैं। आयुष म्हात्रे और प्रियांश आर्य जैसे खिलाड़ी भी गदर मचा रहे हैं।
- दूसरी तरफ 37 साल के रहाणे के लिए इस तेज गति वाले खेल से कदम मिलाना मुश्किल साबित हो रहा है।
- क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले 20 सालों की उनकी शारीरिक आदत (मसल मेमोरी) उन्हें नए और आक्रामक शॉट्स खेलने से रोक रही है।
- 5 मैचों में रहाणे केवल 7 छक्के और 8 चौके ही लगा पाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी 150 से कम है, जो एक सलामी या तीसरे नंबर के बल्लेबाज के लिए बहुत खराब माना जाता है।
KKR के पास कप्तानी का विकल्प नहीं
रहाणे के खराब प्रदर्शन के बावजूद केकेआर के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनके पास कप्तानी के लिए कोई दूसरा मजबूत विकल्प मौजूद नहीं है।
- टीम के उपकप्तान रिंकू सिंह भी इस समय अपनी खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं, इसलिए उन्हें कमान सौंपना जोखिम भरा हो सकता है।
- एक अन्य विकल्प के रूप में विदेशी खिलाड़ी रोवमैन पॉवेल हैं, जिन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 37 टी20 और 3 वनडे मैचों में कप्तानी की है।
- पॉवेल का जीत का प्रतिशत 51 है। मौजूदा हालात को देखते हुए पॉवेल एक बेहतर विकल्प लग सकते हैं, लेकिन भारतीय विकल्प की कमी केकेआर को परेशान कर रही है।
टीम मैनेजमेंट की बड़ी विफलता
इस खराब टीम संयोजन के लिए सीधे तौर पर केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर और हेड कोच अभिषेक नायर को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। टीम में कोई ऐसा बेहतरीन भारतीय रिजर्व खिलाड़ी नहीं है जो रहाणे की जगह लेकर टीम को संतुलित कर सके।
- युवा खिलाड़ी अंगकृष रघुवंशी ने 155 के स्ट्राइक रेट से 182 रन बनाकर जरूर कुछ उम्मीद जगाई है, लेकिन अकेले दम पर वह टीम को जीत नहीं दिला पा रहे हैं।
- वहीं दिल्ली के युवा टैलेंट तेजस्वी दहिया जैसे खिलाड़ियों की कमी टीम में साफ खल रही है।
कुल मिलाकर केकेआर के लिए आईपीएल 2026 का रास्ता बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। अगर रहाणे के हाथों में कमान बनी रही और उनका फॉर्म नहीं सुधरा, तो टीम प्लेऑफ की दौड़ से बहुत जल्दी बाहर हो सकती है।
