छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से प्रदेश के किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने राज्य की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। यह कदम किसानों को उनके गांव में ही सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सहकार से समृद्धि का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को प्रदेश के विकास में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
- उन्होंने कहा कि यह ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प को जमीन पर उतारने की एक ठोस शुरुआत है।
- इन 515 नई समितियों के शुरू होने के बाद अब पूरे छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों की कुल संख्या बढ़कर 2573 हो गई है।
- नई समितियों के खुलने से अब किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन कृषि ऋण लेने के लिए दूर शहरों या ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
माइक्रो एटीएम और 25 से अधिक सरकारी सेवाएं
सरकार खेती-किसानी में आधुनिक तकनीक और नवाचार को लगातार बढ़ावा दे रही है।
- मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहले से कार्यरत 2058 पैक्स समितियों को पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत कर दिया गया है।
- इन समितियों में माइक्रो एटीएम भी लगाए गए हैं, जिनकी मदद से किसान जरूरत पड़ने पर 20000 रुपये तक की नकद राशि निकाल सकते हैं।
- ये नई पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में काम करेंगी और यहां लोक सेवा केंद्र भी खोले जाएंगे, जहां एक ही स्थान पर 25 से अधिक सरकारी सेवाएं मिलेंगी।
आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
इस शुभारंभ में आदिवासी क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा गया है।
- नवगठित 515 समितियों में से 197 समितियां विशेष रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं।
- भविष्य में ये समितियां केवल खाद-बीज तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इन्हें दुग्ध उत्पादन और मछली पालन जैसी सहायक कृषि गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा।
इस वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ऑनलाइन जुड़े। वहीं मंत्रालय में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन सहित कई अन्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
