छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंहंतेराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने अब एक महात्रासदी का रूप ले लिया है। Vedanta Plant Accident Update के अनुसार, इस दिल दहला देने वाले हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 तक पहुंच गई है। जबकि 36 श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए हैं। प्रशासन और राहत दल लगातार बचाव एवं उपचार कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ने से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
हैदराबाद के अस्पताल से टाई-अप, 5 एयर एम्बुलेंस तैयार
अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे मजदूरों को बचाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।
- घायलों में से 18 लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है, जिनमें से 17 श्रमिकों की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।
- इन गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को रायगढ़ के जिंदल अस्पताल की अत्याधुनिक बर्न यूनिट और अन्य सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
- प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 5 एयर एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा है।
- इसके अलावा, भविष्य में गंभीर मरीजों को तुरंत बेहतर इलाज देने के लिए हैदराबाद के एक बड़े सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के साथ टाई-अप भी किया गया है।
दूसरे राज्यों के मजदूरों ने भी गंवाई जान
इस पावर प्लांट में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर अन्य राज्यों से थे, जो बेहतर भविष्य की तलाश में यहां आए थे।
- मृतकों की जो सूची सामने आई है, उसमें छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के मजदूर शामिल हैं।
- मृतकों में थांडा राम लहरे, नवीन अंसारी, रितेश कुमार, तरुण कुमार ओझा, आकिब खान, सुमित जाट, पप्पू कुमार और चितरंजन डोली जैसे नाम शामिल हैं। एक मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
“लगा जैसे धरती फट गई हो…”
हादसे के समय मौके पर मौजूद एक श्रमिक ने रुंधे गले से उस खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाई।
“हम रोज की तरह अपना पसीना बहा रहे थे, तभी अचानक ऐसा धमाका हुआ जैसे धरती फट गई हो। पलक झपकते ही चारों ओर खौफनाक अंधेरा और गर्म भाप का गुबार छा गया। मंजर इतना भयावह था कि हमारे कई साथी मौके पर ही झुलस गए।”
मौके पर सक्ती कलेक्टर और एसपी ने घटनास्थल का मुआयना कर सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी समीक्षा की है। प्रशासन ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
