e-Shram Saathi App Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ने राज्य के लाखों मजदूरों और श्रमिकों की सुविधा के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने मजदूरों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ‘e-श्रम साथी’ (e-Shram Saathi) नाम का एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस अत्याधुनिक ऐप के जरिए अब प्रदेश के श्रमिकों को रोजगार और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
घर बैठे मिलेगी हर योजना और रोजगार की जानकारी
रायपुर में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान इस ऐप की शुरुआत की गई।
- ‘e-श्रम साथी’ ऐप के माध्यम से मजदूर अपने मोबाइल पर ही नई नौकरियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
- केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की पूरी प्रक्रिया इस ऐप पर उपलब्ध होगी।
- अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2008 से लेकर अब तक लगभग 33.14 लाख से ज्यादा निर्माण मजदूर सरकारी रिकॉर्ड में पंजीकृत हो चुके हैं, जिन्हें इस ऐप का सीधा फायदा मिलेगा।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: मजदूरों की सुरक्षा सर्वोपरि
ऐप लॉन्चिंग के साथ-साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रम विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश भी दिए।
- सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजदूरों के हित के लिए जो नए नियम बनाए गए हैं, उन्हें राज्य में सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
- अधिकारियों को समय-समय पर कारखानों और कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के साथ कोई समझौता न हो।
- मैदानी कर्मचारियों को पूरी ईमानदारी से काम करने की हिदायत दी गई है, जिससे योजनाओं का फायदा समाज के अंतिम और सबसे गरीब व्यक्ति तक पहुंच सके।
श्रम कार्यालयों को किया जाएगा मजबूत
बैठक में श्रम विभाग के कामकाज और अलग-अलग सरकारी बोर्डों की गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। राज्य सरकार अब सभी जिलों के श्रम कार्यालयों (Labour Offices) को और अधिक मजबूत व साधन-संपन्न बनाएगी। साथ ही, मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। ‘e-श्रम साथी’ ऐप छत्तीसगढ़ के मेहनतकश वर्ग के लिए काम करने के सुरक्षित माहौल, सम्मान और बेहतर सुविधाओं की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
