झारखंड शराब घोटाला: पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, मिली अग्रिम जमानत

Anil Tuteja Anticipatory Bail

Anil Tuteja Anticipatory Bail:छत्तीसगढ़ के चर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को झारखंड शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति पी.पी. साहू की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए टुटेजा की याचिका को स्वीकार किया और उन्हें गिरफ्तारी से बड़ी राहत प्रदान की। कोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो सॉल्वेंट जमानत पेश करने पर रिहा करने का आदेश जारी किया है।

4 मई 2026 को पारित अपने विस्तृत आदेश में उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मामले में महत्वपूर्ण कमियां नजर आ रही हैं। अदालत ने यह भी गौर किया कि अनिल टुटेजा के खिलाफ सीधे तौर पर या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का अभाव है। साक्ष्यों की इसी कमी को देखते हुए अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ दिया है।

जमानत की अनुमति देते हुए अदालत ने कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं। अनिल टुटेजा को निर्देश दिया गया है कि वे इस पूरे मामले की जांच में जांच एजेंसी को पूरा सहयोग करेंगे। यदि वे जांच की प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न करते हैं, तो जांच एजेंसी के पास उनकी जमानत रद्द कराने के लिए आवेदन करने का पूरा अधिकार होगा।

इसके साथ ही अदालत ने टुटेजा को नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन्हें सख्त चेतावनी दी गई है कि वे मामले से जुड़े किसी भी गवाह को प्रभावित करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे। इन शर्तों का उल्लंघन होने पर उनकी कानूनी राहत छीनी जा सकती है।

झारखंड शराब घोटाला मामला पिछले काफी समय से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की संलिप्तता के आरोपों ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। उच्च न्यायालय का यह फैसला अनिल टुटेजा के लिए एक बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से वे इस मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर थे।

अब इस आदेश के बाद, मामले की सुनवाई आगे की प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी, जिसमें टुटेजा को अदालती कार्यवाही और जांच का हिस्सा बने रहना होगा।