छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी की तैयारी: उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त भार

Chhattisgarh Electricity Bill Hike 2026

Chhattisgarh Electricity Bill Hike 2026:छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाला समय आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। राज्य पावर कंपनी द्वारा प्रस्तुत भारी-भरकम घाटे के आंकड़ों के बाद अब प्रदेश में बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी नई दरें आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि जून महीने से नया टैरिफ लागू किया जा सकता है, जो आम जनता की जेब पर सीधा असर डालेगा।

राज्य पावर कंपनी ने बिजली नियामक आयोग के समक्ष लगभग 6,300 करोड़ रुपये के घाटे का दावा पेश किया है। इस भारी घाटे की भरपाई के लिए कंपनी ने टैरिफ में वृद्धि की मांग की है। फरवरी में हुई जनसुनवाई के बाद से आयोग लगातार इस प्रस्ताव का विश्लेषण कर रहा है। चुनौती यह है कि कंपनी के वित्तीय घाटे को कैसे पाटा जाए और उपभोक्ताओं को अत्यधिक महंगाई से कैसे बचाया जाए।

पावर कंपनी द्वारा दिए गए वित्तीय आंकड़ों में कुछ विरोधाभास भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। कंपनी ने साल 2026-27 के लिए 26,216 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान लगाया है, जबकि खर्च 25,460 करोड़ रुपये बताया है। गणितीय रूप से यहाँ 756 करोड़ रुपये का लाभ दिख रहा है, लेकिन पिछले वर्षों के पुराने घाटे और राजस्व अंतर को जोड़ने के बाद कुल वित्तीय जरूरत 32,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसी पुराने बोझ के कारण कंपनी टैरिफ बढ़ाना अनिवार्य बता रही है।

यदि नियामक आयोग पावर कंपनी के इन दावों को पूरी तरह स्वीकार कर लेता है, तो बिजली दरों में 20 प्रतिशत तक की बड़ी वृद्धि हो सकती है। पिछले साल की तुलना में यह स्थिति काफी गंभीर है, क्योंकि पिछले वर्ष आयोग ने केवल 500 करोड़ रुपये का घाटा माना था, जिससे दरों में महज 2 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन इस बार का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले कई गुना बड़ा है।

बिजली महंगी होने का सबसे ज्यादा असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और औद्योगिक संस्थानों पर भी पड़ेगा। भीषण गर्मी के इस मौसम में जब कूलर और एसी के कारण बिजली की खपत पहले से ही बढ़ी हुई है, ऐसे में टैरिफ बढ़ना लोगों के मासिक बजट को बिगाड़ सकता है। उद्योग जगत भी इस संभावित बढ़ोतरी को लेकर चिंतित है, क्योंकि इससे उत्पादन लागत में इजाफा होगा।

फिलहाल बिजली नियामक आयोग इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। आयोग का अंतिम फैसला ही तय करेगा कि जनता को कितनी राहत मिलेगी या कितना बड़ा झटका लगेगा। आने वाले कुछ दिनों में आयोग अपना अंतिम निर्णय सुना सकता है, जिस पर प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं की निगाहें टिकी हुई हैं।