West Bengal Election Results: बंगाल में BJP को 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत, शुभेंदु अधिकारी सीएम रेस में सबसे आगे

West Bengal BJP CM Face

West Bengal BJP CM Face:पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे देश की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है, जो कि दो तिहाई बहुमत से भी कहीं अधिक है। वहीं, पिछले कई सालों से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है। इस प्रचंड जनादेश के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?

मुख्यमंत्री के नाम पर बीजेपी का पुराना सस्पेंस बरकरार

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव में आधिकारिक तौर पर किसी को भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया था। यह रणनीति पार्टी के लिए नई नहीं है। इससे पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी बीजेपी ने बिना सीएम फेस के चुनाव लड़ा था और जीत के बाद बिल्कुल नए चेहरों को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका दिया था।

फिलहाल पार्टी की ओर से किसी भी नाम पर आधिकारिक चर्चा सामने नहीं आई है। बीजेपी के इसी ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के नाम पर अंत तक सस्पेंस बना रहेगा। इसके बावजूद, राज्य की राजनीति पर पकड़ रखने वाले जानकारों का मानना है कि इस पद के लिए संगठन में प्रभाव और राजनीतिक पकड़ को सबसे ज्यादा तरजीह दी जाएगी।

सीएम रेस में सबसे आगे शुभेंदु अधिकारी

संभावित दावेदारों में इस वक्त सबसे मजबूती से जो नाम उभरकर सामने आ रहा है, वह है शुभेंदु अधिकारी का। शुभेंदु इस समय पश्चिम बंगाल की राजनीति में बीजेपी का सबसे प्रमुख और आक्रामक चेहरा हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता होने के साथ-साथ पूर्वी मेदिनीपुर जैसे अहम जिलों में उनकी संगठनात्मक पकड़ बहुत मजबूत है।

भवानीपुर में ममता बनर्जी को दी करारी शिकस्त

कभी ममता बनर्जी के सबसे खास सहयोगी रहे शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के चुनाव से ठीक पहले टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। ममता बनर्जी और शुभेंदु के बीच का सियासी टकराव हमेशा से सुर्खियों में रहा है। इस बार के चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधे मुकाबले में 15 हजार से अधिक वोटों से हराकर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाया है। ममता को सीधे चुनौती देने की उनकी इसी क्षमता के कारण उन्हें सीएम पद का सबसे व्यावहारिक चेहरा माना जा रहा है।

शुभेंदु की दावेदारी में क्या हैं रोड़े?

हालांकि, शुभेंदु अधिकारी की राह इतनी भी आसान नहीं है। उनका अतीत ही उनकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा बन सकता है। बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के सहयोगी पत्रकार पीएम तिवारी के मुताबिक, शुभेंदु पहले टीएमसी में रहे हैं। ऐसे में अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो बीजेपी के पुराने और मूल कार्यकर्ताओं में यह संदेश जा सकता है कि सत्ता में दूसरे रूप में टीएमसी ही वापस आ गई है।

इसके अलावा एक और बड़ी वजह यह है कि शुभेंदु आरएसएस बैकग्राउंड से नहीं आते हैं, जिससे प्रदेश बीजेपी का एक धड़ा असहज महसूस कर सकता है। इन सबके बावजूद, कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक सुकांतो सरकार का स्पष्ट मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में शुभेंदु अधिकारी की दावेदारी ही सबसे अधिक मजबूत है।