देश भर में आधी आबादी के हक की चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ महिला आईएएस तबादला सूची ने एक नई लकीर खींच दी है। दरअसल राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बेहद व्यावहारिक और बड़ा संदेश दिया है। बुधवार शाम जारी हुई इस तबादला सूची में राज्य सरकार ने एक साथ पाँच जिलों की कमान महिला अधिकारियों को सौंप दी है। इसके अलावा विपक्ष के लगातार हमलों के बीच कानून व्यवस्था सुधारने के लिए गृह विभाग की जिम्मेदारी भी एक सीनियर महिला आईएएस को दी गई है।
पिछड़े जिलों की कमान अब महिलाओं के हाथ
राज्य सरकार ने प्रशासनिक कसावट के तहत 42 आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी की नई पदस्थापना सूची जारी की है। हालांकि इस छत्तीसगढ़ महिला आईएएस तबादला सूची में सबसे अहम फैसला सरगुजा और बिलासपुर संभाग को लेकर लिया गया है। परिणामस्वरूप विकास की दृष्टि से पिछड़े और अति पिछड़े माने जाने वाले इन क्षेत्रों की जिम्मेदारी अब पूरी तरह से महिला अधिकारियों के कंधों पर है। सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि इन दुर्गम क्षेत्रों में प्रशासनिक सक्रियता के साथ संवेदनशील नेतृत्व की सख्त जरूरत है जिसे महिला अधिकारी बेहतर ढंग से निभा सकती हैं।
- कोरिया जिले की कमान 2012 बैच की आईएएस पुष्पा साहू को सौंपी गई है
- बलरामपुर-रामानुजगंज की जिम्मेदारी 2016 बैच की आईएएस चंदन संजय त्रिपाठी को मिली है
- एमसीबी जिले का कलेक्टर 2016 बैच की संतन देवी जांगड़े को बनाया गया है
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की कमान 2016 बैच की आईएएस पद्मिनी भोई साहू के पास है
- सूरजपुर जिले में 2019 बैच की आईएएस रेना जमील को कलेक्टर नियुक्त किया गया है
निहारिका बारीक बनीं प्रदेश की नई गृह सचिव
प्रदेश में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर सवाल उठा रहा है। दरअसल इन गंभीर राजनीतिक आरोपों के बीच सरकार ने एक बड़ा और कड़ा प्रशासनिक दांव खेला है। इसके तहत गृह विभाग की बेहद अहम जिम्मेदारी सीनियर महिला आईएएस निहारिका बारीक को सौंप दी गई है। निहारिका बारीक को नया गृह सचिव बनाया गया है और उनकी गिनती प्रदेश के बेहद सख्त और ईमानदार अधिकारियों में होती है। परिणामस्वरूप उनकी मजबूत प्रशासनिक पकड़ और बेदाग छवि को देखते हुए सरकार का यह फैसला कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
