संघर्ष से शिखर तक: तेंदूपत्ता बीनने वाले का बेटा बनेगा ‘फॉरेस्ट ऑफिसर’, अजय गुप्ता ने पेश की मिसाल

Ajay Gupta IFS Success Story

Ajay Gupta IFS Success Story:छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के एक छोटे से गांव संबलपुरी से सफलता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने संसाधनों की कमी का रोना रोने वालों को आईना दिखा दिया है। एक साधारण किसान परिवार के बेटे अजय गुप्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 91 हासिल कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।

अजय की यह कहानी केवल एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि संघर्षों को हराकर अपने सपनों को सच करने की दास्तान है।

जंगल से रहा है गहरा नाता: तेंदूपत्ता और महुआ बीनकर की पढ़ाई

अजय का बचपन अभावों के बीच बीता। उनके पिता एक किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे आसानी से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

  • मिट्टी से जुड़ाव: अजय ने बचपन में अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए खुद जंगलों में जाकर तेंदुपत्ता और महुआ इकट्ठा किया है।
  • जंगल के रक्षक: जिस जंगल ने कभी उनके परिवार का पेट पालने में मदद की, अब अजय उसी जंगल के बड़े अफसर (IFS) बनकर उसकी सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

एक साल में दो बड़ी सफलताएं

अजय गुप्ता की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक ही साल में देश की दो सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाएं क्लियर की हैं:

  1. UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025: इसमें उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 452 हासिल की थी।
  2. भारतीय वन सेवा (IFS) 2025: इसमें उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 91 प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता साबित की।

संसाधनों की कमी पर भारी पड़ा मजबूत इरादा

अजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के परिवेश में ही पूरी की। ग्रामीण परिवेश और संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अजय का मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

उनकी इस उपलब्धि पर रायगढ़ जिले और संबलपुरी गांव में जश्न का माहौल है। अजय की सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो छोटे गांवों से निकलकर बड़े सपनों को पूरा करना चाहते हैं।