Nescod Cooling Technology:भीषण गर्मी के इस दौर में अगर आप एयर कंडीशनर (AC) के भारी-भरकम बिजली बिल से परेशान हैं, तो वैज्ञानिकों ने इसका तोड़ निकाल लिया है। सऊदी अरब की ‘किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ (KAUST) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो बिना एक यूनिट बिजली खर्च किए आपके कमरे को बर्फ जैसा ठंडा कर सकती है। इस जादुई तकनीक का नाम है Nescod (No Electricity or Sustainable Cooling on Demand)।
क्या है Nescod तकनीक और कैसे करती है काम?
Nescod तकनीक का आधार बहुत ही सरल है। यह अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate) नामक रसायन और पानी के मिश्रण पर आधारित है।
- एंडोथर्मिक सिद्धांत (Endothermic Process): जब अमोनियम नाइट्रेट (जो आमतौर पर खाद बनाने में इस्तेमाल होता है) को पानी में घोला जाता है, तो यह रसायन आसपास की गर्मी को सोख लेता है।
- हैरान करने वाले नतीजे: प्रयोगों में देखा गया कि यह मिश्रण मात्र 20 मिनट के भीतर तापमान को 25°C से घटाकर 3.6°C तक ले आता है। इसमें किसी भी मोटर या कंप्रेसर की जरूरत नहीं पड़ती।
सालों-साल चलेगी यह कूलिंग, खर्च शून्य
इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी इसका पुनर्चक्रण (Recycling) है। एक बार जब नमक पानी में घुलकर ठंडक पैदा कर देता है, तो सिस्टम सोलर पावर (Solar Power) का इस्तेमाल कर उस पानी को भाप बनाकर उड़ा देता है।
- इससे नमक के क्रिस्टल दोबारा बन जाते हैं।
- इन क्रिस्टल्स को अगली बार कूलिंग के लिए फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है।
- इस तरह यह प्रक्रिया सालों-साल बिना किसी अतिरिक्त खर्च के चलती रहती है।
पर्यावरण और जेब दोनों के लिए वरदान
दुनिया भर की कुल बिजली का लगभग 10% हिस्सा केवल AC चलाने में खर्च होता है। Nescod जैसी तकनीक न केवल बिजली के बोझ को कम करेगी, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में भी मददगार साबित होगी।
- बहुउद्देशीय उपयोग: घर ठंडा करने के अलावा, इसका इस्तेमाल दवाइयों, वैक्सीन को सुरक्षित रखने और भोजन को खराब होने से बचाने के लिए भी किया जा सकता है।
यह तकनीक उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो महंगे AC और उसके बिजली बिल का खर्च वहन नहीं कर सकते। आने वाले समय में Nescod कूलिंग इंडस्ट्री की पूरी तस्वीर बदल सकती है।
