Tiger Logistics Share:नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में पेनी और स्मॉल-कैप स्टॉक्स (Small-cap Stocks) अक्सर निवेशकों को चौंकाने वाले रिटर्न देते हैं। ऐसा ही एक मल्टीबैगर स्टॉक टाइगर लॉजिस्टिक्स (Tiger Logistics India Ltd) है, जिसकी कीमत फिलहाल ₹50 से भी कम है। बुधवार को कंपनी द्वारा 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही (Q4 FY26) के वित्तीय नतीजे जारी करने के बाद, शुक्रवार (28 मई 2026) के कारोबारी सत्र में निवेशकों की निगाहें इस शेयर पर टिकी रहेंगी।
पिछले कारोबारी सत्र में एनएसई (NSE) पर टाइगर लॉजिस्टिक्स का शेयर 0.61 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹35.91 पर बंद हुआ था। लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों को इस शेयर ने मालामाल किया है। बीते 5 वर्षों में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को 700% का छप्परफाड़ रिटर्न (Multibagger Returns) दिया है।
मार्च 2026 तिमाही (Q4) के वित्तीय नतीजे
टाइगर लॉजिस्टिक्स की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ती लागत और खर्चों के कारण कंपनी के शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
- मुनाफे में गिरावट: मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 65.53% गिरकर ₹2.22 करोड़ रह गया है। जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹6.44 करोड़ था।
- रेवेन्यू में उछाल: मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी के कामकाज से होने वाली आय (Revenue from Operations) में शानदार 41.96% की बढ़ोतरी हुई है और यह ₹162.54 करोड़ पर पहुंच गई है।
तिमाही नतीजों का तुलनात्मक विश्लेषण:
| वित्तीय आंकड़े (Financials) | मार्च 2026 (Q4 FY26) | मार्च 2025 (Q4 FY25) | बदलाव (YoY Change) |
| कुल आय (Total Revenue) | ₹162.54 करोड़ | ₹114.50 करोड़ | 41.96% की वृद्धि (Up) |
| शुद्ध मुनाफा (Net Profit) | ₹2.22 करोड़ | ₹6.44 करोड़ | 65.53% की गिरावट (Down) |
पूरे वित्त वर्ष (FY26) की बात करें तो कंपनी की सालाना बिक्री 6.81% बढ़कर ₹572.82 करोड़ रही है, हालांकि वार्षिक शुद्ध मुनाफा 20.33% गिरकर ₹21.52 करोड़ रह गया है।
भारत सरकार की कंपनी से मिला नया कॉन्ट्रैक्ट
वित्तीय नतीजों के अलावा, टाइगर लॉजिस्टिक्स के लिए एक और सकारात्मक खबर है। भारत सरकार के उपक्रम, बैंक नोट पेपर मिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (BNPMIL) ने टाइगर लॉजिस्टिक्स को करीब ₹2 करोड़ का एक वर्षीय आयात लॉजिस्टिक्स कॉन्ट्रैक्ट (Import Logistics Contract) सौंपा है।
इसके तहत कंपनी मैसूर प्लांट के लिए जर्मनी, फ्रांस, डेनमार्क, अमेरिका और स्विट्जरलैंड समेत कई विदेशी गंतव्यों से आने वाले एयर और सी फ्रेट (हवाई और समुद्री माल) की कस्टम क्लीयरेंस और इनलैंड ट्रांसपोर्टेशन का काम संभालेगी। कंपनी के सीएमडी हरप्रीत सिंह मल्होत्रा ने इसे कंपनी की परिचालन क्षमताओं पर सरकार के भरोसे का प्रतीक बताया है।
