PM E-Drive Scheme: इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना होगा और सस्ता! सरकार बढ़ा सकती है EV सब्सिडी, पेट्रोल की महंगाई से मिलेगी राहत

PM E-Drive Scheme Subsidy

PM E-Drive Scheme Subsidy:नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और विदेशी कच्चे तेल पर भारी निर्भरता को कम करने के लिए केंद्र सरकार अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को नई रफ्तार देने जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ‘PM ई-ड्राइव स्कीम’ (PM E-Drive Scheme) के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक पर मिलने वाली सब्सिडी (Subsidy) को और अधिक बढ़ाने की तैयारी में है। भारी उद्योग मंत्रालय इसके लिए अतिरिक्त फंड की डिमांड कर सकता है, जिससे आम लोगों के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदना पहले से काफी सस्ता हो जाएगा।

₹10,900 करोड़ का आवंटन और योजना का विस्तार

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले ही गंभीर है।

  • सरकार ने PM ई-ड्राइव स्कीम के तहत वित्तीय वर्ष 2026 (FY2026) तक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सब्सिडी के लिए लगभग ₹10,900 करोड़ आवंटित किए हैं।
  • ऑटो इंडस्ट्री की भारी मांग को देखते हुए इस योजना को जुलाई तक बढ़ा दिया गया था। अब इस योजना को और अधिक मजबूत बनाने और अतिरिक्त फंड जारी करने पर मंत्रालय में पिछले दो महीनों से चर्चा चल रही है।

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयात करता है। पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सरकार चाहती है कि आम जनता पेट्रोल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट हो, ताकि आयातित तेल पर निर्भरता और दबाव दोनों कम हो सकें।

बिक्री के आंकड़े और 50 पैसे प्रति किलोमीटर का खर्च

वाहन श्रेणी (Vehicle Category)बिक्री/रजिस्ट्रेशन का हाल (मई के पहले पखवाड़े में)
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (EV)13.5% की भारी बढ़ोतरी
कुल टू-व्हीलर बिक्री (पेट्रोल सहित)5.5% की गिरावट

आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि लोग पेट्रोल की जगह EV को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • रनिंग कॉस्ट में भारी बचत: जहां पेट्रोल स्कूटर चलाने में प्रति किलोमीटर कई रुपये का खर्च आता है, वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर का खर्च मात्र 30 से 50 पैसे प्रति किलोमीटर पड़ता है। रात में घर पर चार्ज करने की सुविधा और पेट्रोल पंप की लाइनों से छुटकारा लोगों को EV की ओर आकर्षित कर रहा है।
  • एथर एनर्जी (Ather Energy) के चीफ बिजनेस ऑफिसर रवनीत सिंह फोकेला के अनुसार, पहले हर घर में एक पेट्रोल वाहन जरूरी माना जाता था, लेकिन अब हर परिवार कम से कम एक EV रखना चाहता है।

यदि सरकार सब्सिडी बढ़ाती है, तो ओला (Ola Electric), एथर (Ather Energy), टीवीएस आईक्यूब (TVS iQube) और बजाज चेतक (Bajaj Chetak) जैसे बड़े ब्रांड्स के स्कूटर्स की कीमतों में और कमी आएगी, जिससे भारत में ‘क्लीन मोबिलिटी’ (Clean Mobility) की क्रांति अगले बड़े चरण में प्रवेश करेगी।