Gold Silver price June 8:आमतौर पर जब भी दुनिया के किसी हिस्से में युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) बढ़ता है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की कीमतों में उछाल आता है। लेकिन इस बार मिडिल ईस्ट (ईरान और इजरायल) में भड़के ताजा तनाव के बीच शेयर और बुलियन मार्केट में इसका उल्टा असर देखने को मिल रहा है। आज यानी 8 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
क्या है आज का लेटेस्ट रेट?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम तेजी से नीचे गिरे हैं:
- 24 कैरेट सोना: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम आज 3470 रुपये गिरकर 1.51 लाख रुपये पर आ गया है।
- चांदी (Silver): वहीं 1 किलो चांदी की कीमत में 15748 रुपये की भारी कमी आई है, जिससे यह 2.41 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। आपको बता दें कि चांदी इस महीने के शुरुआती 8 दिनों में ही 22000 रुपये तक टूट चुकी है।
ऑलटाइम हाई से कितनी आई गिरावट?
इस साल सोने-चांदी की कीमतों में भयंकर उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
- 29 जनवरी 2026 को सोने का दाम 1.76 लाख रुपये के अपने सबसे ऊपरी स्तर (All-time high) पर पहुंच गया था। तब से लेकर अब तक सोना 25000 रुपये सस्ता हो चुका है।
- वहीं चांदी की बात करें तो 29 जनवरी को यह 3.86 लाख रुपये के ऑलटाइम हाई पर थी। पिछले 130 दिनों के भीतर चांदी करीब 1.45 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।
गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर क्यों है भरोसा?
एक्सपर्ट्स के अनुसार इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से 3 बड़े कारण हैं:
- कैश की बचत (Liquidity Preference): मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं। अनिश्चितता के इस माहौल में वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ (लिक्विड मनी) इकट्ठा कर रहे हैं।
- प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking): जनवरी में जब कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं, तब बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना शुरू कर दिया। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतें नीचे आ गईं।
- डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल के दाम: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी और डॉलर के मजबूत होने से भी कमोडिटी मार्केट पर दबाव बना है।
यदि मिडिल ईस्ट का तनाव लंबा खिंचता है या अमेरिका में ब्याज दरों पर कोई नया फैसला आता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
