दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बीच सोमवार को हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आपात बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। करीब चार घंटे चली बैठक में ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। उनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि चढ़ावे से जुड़ी घटना बेहद दुखद और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) पर पूरा भरोसा रखता है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के पक्ष में है।
गोविंद देव गिरि ने बताया कि चढ़ावा विवाद से चंपत राय बेहद आहत थे। उनका मानना था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक वे पद पर बने नहीं रहेंगे। इसी भावना के साथ उन्होंने इस्तीफा दिया, जिसे ट्रस्ट के नियमों के अनुसार स्वीकार कर लिया गया।
ट्रस्ट ने मंदिर से अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने की खबरों को भी अफवाह बताया। कोषाध्यक्ष ने कहा कि मंदिर में मौजूद रामायण, चरण पादुका सहित करीब 2800 पंजीकृत बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास उपलब्ध है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
नवनियुक्त अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि प्रबंधन में जहां भी कमियां रही हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। दान, चढ़ावे और मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हो। ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
