फ्रांस से लौटे थे पंजाब के CM; AAP ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया, कहा- सरकार का अहंकार टूटना चाहिए
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे तक रोके रखने और 50 हजार रुपए का चालान काटने का मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को यह दावा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के मुताबिक, मान फ्रांस के पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फूड ट्रेड एग्जीबिशन SIAL पेरिस 2026 में शामिल होकर लौटे थे। AAP ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कार्रवाई के पीछे ऊपर से दबाव होने की बात कही।
दिल्ली के पूर्व मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जिस तरह दशहरे पर रावण का घमंड खत्म हुआ, उसी तरह केंद्र सरकार का अहंकार भी टूटना चाहिए।
सामान गाड़ी में रखने के बाद चालान काटने का दावा
पंजाब AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने वीडियो जारी कर घटना का विवरण साझा किया। उनके मुताबिक, शुरुआत में अधिकारियों ने सामान आने और जांच में देरी का हवाला दिया। जब मुख्यमंत्री का सामान गाड़ी में रखा जा रहा था और वे रवाना होने वाले थे, तभी अधिकारियों ने 50 हजार रुपए का चालान जारी कर दिया। पन्नू का दावा है कि अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान ऊपर से भारी दबाव होने की बात कही। हालांकि, इस मामले में अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
फ्रांस दौरे में प्रोटोकॉल नहीं मिलने का आरोप
AAP ने आरोप लगाया कि भगवंत मान के साथ फ्रांस में भी उचित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। बलतेज पन्नू के मुताबिक, मान पंजाब के कृषि उत्पादों और दूसरे सामान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेरिस गए थे। उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद भारतीय कॉन्सुल जनरल उनसे मिलने नहीं पहुंचे।
हाईकोर्ट से मिली थी फ्रांस जाने की अनुमति
भगवंत मान 17 से 21 अक्टूबर तक आयोजित SIAL पेरिस 2026 में शामिल होने गए थे। AAP के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा संबंधी खतरे का हवाला देते हुए उन्हें दौरे की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने 16 अक्टूबर को मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी थी।
केंद्र पर पंजाब के फंड रोकने का आरोप
AAP नेता बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव करने और राज्य के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों के आंदोलन, राज्य के बकाया फंड और मुख्यमंत्री के विदेश दौरों की अनुमति में कथित अड़चनों का मुद्दा उठाया। पार्टी का आरोप है कि केंद्र नहीं चाहता कि पंजाब में विदेशी निवेश आए। हालांकि, एयरपोर्ट पर रोके जाने और चालान काटने के पूरे मामले में आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
