दिग्गज भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। इंस्टाग्राम पर भावुक वीडियो शेयर कर उन्होंने संन्यास की घोषणा की।
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। 38 वर्षीय रहाणे ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए बताया कि अब उनके लिए आगे बढ़ने का यही सही समय है। भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले रहाणे ने कहा कि देश की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और अब वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह रहे हैं।
अपने वीडियो में रहाणे ने कहा कि संन्यास का फैसला आसान नहीं था लेकिन हर सफर का एक अंत होता है और उस समय का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी में उन्होंने हमेशा सही टाइमिंग को महत्व दिया और उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई लेने का यही उपयुक्त समय है। रहाणे ने कहा कि भारत के लिए मैदान पर उतरना उनके लिए हमेशा एक सपने के सच होने जैसा अनुभव रहा और हर मुकाबले में उन्होंने टीम को खुद से ऊपर रखकर देश के लिए सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की है।
रहाणे ने अपने नाम अजिंक्य के अर्थ अजेय का जिक्र करते हुए कहा कि करियर में उन्हें कई हार का सामना करना पड़ा लेकिन उन्हीं हारों ने उन्हें मजबूत बनाया है। उनके मुताबिक, जीत ने खुशी दी जबकि हार ने आगे बढ़ने और बेहतर खिलाड़ी के साथ-साथ बेहतर इंसान बनने की सीख दी। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), अपने सभी कोच, कप्तानों, साथी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, परिवार और करोड़ों प्रशंसकों का समर्थन और विश्वास के लिए आभार जताया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में उनका अध्याय समाप्त हो रहा हो लेकिन क्रिकेट के साथ उनका रिश्ता आगे भी बना रहेगा। रहाणे ने कहा कि वह आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने, अपने अनुभव साझा करने और उस खेल को कुछ लौटाने के लिए उत्साहित हैं।
रहाणे के अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे यादगार दौर 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा माना जाता है। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर सिमटने और विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने टीम की कमान संभाली थी। मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतक जड़कर भारत को जीत दिलाई और सीरीज बराबर कराई थी। इसके बाद उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से सीरीज में हराया और उसके 32 साल पुराने अजेय रिकॉर्ड को भी समाप्त किया।
रहाणे ने 2011 में इंग्लैंड दौरे पर सीमित ओवरों के क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 31 अगस्त 2011 को मैनचेस्टर में टी-20 इंटरनेशनल और 3 सितंबर 2011 को चेस्टर-ले-स्ट्रीट में वनडे डेब्यू किया था। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 22 मार्च 2013 को दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मुकाबला खेला था। उनका आखिरी टेस्ट जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में हुआ था। वनडे में उन्होंने अंतिम मैच फरवरी 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला जबकि टी-20 इंटरनेशनल में आखिरी बार अगस्त 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था।
कप्तान के रूप में भी रहाणे का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में छह मैचों में भारत की कप्तानी की है। जिसमें चार मुकाबलों में जीत मिली और दो ड्रॉ रहे थे। वनडे में उनकी कप्तानी में भारत ने तीनों मैच जीते हैं। जबकि, टी-20 इंटरनेशनल में दो मैचों में एक जीत और एक हार मिली है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा रहाणे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं। वह पिछले सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी कर चुके हैं। आईपीएल में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। 212 आईपीएल मैचों में उन्होंने 5,367 रन बनाए हैं। जिसमें दो शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका औसत 30.15 और स्ट्राइक रेट 125.60 रहा है।
