Chhattisgarh Infrastructure Boost: विष्णु देव साय ने दी 774 सड़कों की सौगात, अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की भी हुई शुरुआत

Chhattisgarh Infrastructure Boost

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बेहद अहम और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले से प्रदेशवासियों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। शुक्रवार को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित एक भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में सड़कों का जाल बिछाने और गांवों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

2225 करोड़ की लागत से बनेंगी 2427 किलोमीटर लंबी सड़कें

दरअसल, इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण का शुभारंभ था।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना के तहत प्रदेश भर में 774 नई सड़कों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया।
  • इन सभी सड़कों की कुल लंबाई 2427 किलोमीटर है।
  • अधिकारियों के मुताबिक, इन सड़कों के निर्माण पर लगभग 2225 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत आएगी।
  • इन पक्की सड़कों के बन जाने से प्रदेश की 781 ऐसी बसाहटें सीधे मुख्य मार्गों से जुड़ जाएंगी, जहां तक पहुंचना अब तक एक बड़ी चुनौती थी।

गांवों में ही मिलेंगी सुविधाएं, अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत

इसके अलावा, इस कार्यक्रम में ग्रामीण जनता की सहूलियत के लिए एक और बड़ी पहल की गई।

  • मुख्यमंत्री ने ‘अटल डिजिटल सेवा केंद्रों’ का भी विधिवत शुभारंभ किया।
  • इन केंद्रों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य गांव के स्तर पर ही आम नागरिकों को सभी आवश्यक सरकारी दस्तावेज और विभिन्न प्रकार की डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है।
  • अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे सरकारी कामों या दस्तावेजों के लिए शहरों और तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।

नक्सलवाद और धर्मांतरण पर सरकार का सख्त रुख

वहीं, अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी बेबाक राय रखी।

  • उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के खात्मे में केंद्र और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवानों का अदम्य साहस काम आ रहा है। उन्होंने इस मोर्चे पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की रणनीति की भी जमकर सराहना की।
  • इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत एक बेहद कड़ा कानून लागू कर दिया गया है।
  • सरकार का लक्ष्य राज्य में किसी भी तरह के अवैध और जबरन धर्मांतरण पर पूरी तरह से और प्रभावी रोक लगाना है।