कन्हैया अग्रवाल का आरोप- बिना टेंडर टाटा पावर को काम देने की तैयारी, पावर कंपनी अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
रायपुर। रायपुर में औद्योगिक बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद शुरू हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी पर बिना खुली निविदा के टाटा पावर को हाईटेंशन (HT) कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम देने की तैयारी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की है।
कन्हैया अग्रवाल ने इस संबंध में पावर कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि प्रदेश में करीब 4 हजार HT औद्योगिक उपभोक्ता हैं। इनके मीटर की रीडिंग और निगरानी के लिए 2010 में खुली निविदा के जरिए ऑटोमैटिक मीटर रीडिंग (AMR) प्रणाली स्थापित की गई थी।
15 साल से चल रही व्यवस्था पर सवाल
अग्रवाल के मुताबिक, गुढ़ियारी स्थित सेंट्रल कंट्रोल रूम से पिछले 15 साल से ऑनलाइन मीटर रीडिंग और परीक्षण किया जा रहा है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था को हटाकर नई प्रणाली अपनाने का ठोस तकनीकी कारण सामने नहीं आया है। उन्होंने प्रस्ताव की जरूरत और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
टाटा पावर के आवेदन का दिया हवाला
कांग्रेस नेता ने टाटा पावर के हितों के टकराव की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि कंपनी ने 4 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सामने रायपुर क्षेत्र में बिजली वितरण लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था। ऐसे में उसी कंपनी को औद्योगिक उपभोक्ताओं के मीटर और डेटा से जुड़ा काम देना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना खुली निविदा करोड़ों रुपए का काम सौंपना वित्तीय और प्रक्रियात्मक अनियमितता हो सकती है। ज्ञापन में प्रस्ताव रद्द करने और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है।
अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक उपभोक्ताओं, संगठनों और विभागीय इंजीनियरों से चर्चा के बाद ही फैसला लिया जाना चाहिए। प्रक्रिया नहीं रोके जाने पर ऊर्जा मंत्री और राज्यपाल के समक्ष मामला उठाने तथा जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी भी दी है। ये आरोप कांग्रेस नेता ने लगाए हैं; पावर कंपनी का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
