कोलकाता। आशीर्वाद आटा, सनफीस्ट बिस्किट और कई लोकप्रिय उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली दिग्गज कंपनी ITC अब हेल्थ और न्यूट्रिशन आधारित खाद्य उत्पादों पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले वर्षों में ITC का प्रमुख फोकस प्रोटीन और फाइबर से भरपूर खाद्य उत्पादों पर रहेगा।
संजीव पुरी के अनुसार, भारत में प्रोटीन की कमी एक बड़ी चुनौती है और कंपनी इस क्षेत्र में अवसर देख रही है। इसी रणनीति के तहत ITC पहले ही हाई-प्रोटीन आटा, सोया चंक्स, प्रोटीन शेक और अन्य पोषणयुक्त उत्पाद बाजार में उतार चुकी है। कंपनी अपने हेल्थ फूड पोर्टफोलियो का विस्तार भी लगातार कर रही है।
कंपनी का लक्ष्य उन उपभोक्ताओं तक पहुंचना है जो पहली बार पैकेज्ड फूड अपना रहे हैं, साथ ही ऐसे शहरी ग्राहकों को भी ध्यान में रखा जा रहा है जो वजन घटाने वाली दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता रखते हैं।
हालांकि ITC ने एफएमसीजी, होटल, कृषि और पेपरबोर्ड जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई है, लेकिन कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा अब भी सिगरेट कारोबार से आता है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल कारोबार में सिगरेट की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत रही, जबकि मुनाफे में इसकी हिस्सेदारी 82 प्रतिशत तक दर्ज की गई।
इसके बावजूद कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य सिगरेट कारोबार पर निर्भरता कम करना और देश की अग्रणी एफएमसीजी कंपनी के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है। कंपनी का मानना है कि स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े उत्पाद भविष्य में उसकी विकास रणनीति का प्रमुख आधार बनेंगे।
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद ITC भारतीय उपभोक्ता बाजार को लेकर आशावादी है। कंपनी का कहना है कि देश में उपभोक्ता खर्च में अभी कोई बड़ी कमजोरी दिखाई नहीं दे रही है और ग्रामीण व शहरी दोनों बाजारों में मांग बनी हुई है।
भविष्य की योजनाओं के तहत ITC होटल, विनिर्माण और उपभोक्ता उत्पाद कारोबार में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा ताजे खाद्य पदार्थों (फ्रेश फूड्स) के कारोबार का भी तेजी से विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में कंपनी पांच शहरों में लगभग 70 किचन संचालित कर रही है और अब इसे उत्तर भारत सहित अन्य क्षेत्रों में बढ़ाने की योजना है।
कंपनी निर्यात कारोबार पर भी विशेष ध्यान दे रही है। पिछले छह वर्षों में ITC का निर्यात दोगुना हो चुका है और बेहतर सप्लाई चेन, प्रीमियम उत्पादों तथा परिचालन दक्षता के माध्यम से मुनाफे में लगातार सुधार का लक्ष्य रखा गया है।
